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August 8, 2026

उत्तराखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धि, साइबर अपराध नियंत्रण एवं प्रबंधन में देशभर में टॉप पांच राज्यों में शामिल

उत्तराखंड पुलिस ने साइबर अपराध नियंत्रण, पीड़ित सहायता एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से आयोजित PRAGATI समीक्षा बैठक में प्रस्तुत State, UT Performance Matrix (01 जनवरी से 31 जुलाई, 2026) के अनुसार उत्तराखंड ने साइबर अपरप्रबंधन के क्षेत्र में देशभर में टॉप-5 राज्यों में स्थान बनाया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी जी ने उत्तराखंड पुलिस को बधाई दी । उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि की कार्यसंस्कृति, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग तथा प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस भविष्य में भी साइबर अपराधों के प्रभावी नियंत्रण, नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा एवं सुरक्षित साइबर इकोसिस्टम के निर्माण के लिए इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समीक्षा के दौरान राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों का मूल्यांकन गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की ओर से संचालित विभिन्न राष्ट्रीय साइबर पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर किया गया। मूल्यांकन में S4C की स्थापना, e-Zero FIR, Grievance Redressal Module (GRM), Money Restoration Module (MRM), Sahyog Portal, Samanvaya, सूचना साझाकरण, CIAR अनुपालन, CyTrain क्षमता निर्माण, राष्ट्रीय साइबर हॉटस्पॉट विश्लेषण तथा साइबर जागरूकता (IEC) जैसे प्रमुख मानकों को शामिल किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

PRAGATI समीक्षा में उत्तराखंड का प्रदर्शन अधिकांश प्रमुख मानकों पर अत्यंत प्रभावी पाया गया। विशेष रूप से S4C की स्थापना, e-Zero FIR, GRM, MRM, Sahyog Portal, Samanvaya, सूचना साझाकरण तथा साइबर जागरूकता अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में स्थान प्राप्त हुआ। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड की प्रमुख उपलब्धियां
▪️मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में उत्तराखंड स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (US4C) की स्थापना के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी की जा चुकी है। साथ ही US4C के लिए पृथक भवन एवं आवश्यक आधारभूत अवसंरचना के विकास हेतु बजट का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य में साइबर अपराध नियंत्रण एवं समन्वय के लिए एक समर्पित संस्थागत व्यवस्था विकसित हो रही है।
▪️ स्पेशल टास्क फोर्स (STF), उत्तराखंड की ओर से I4C के सहयोग से साइबर अपराधों की रोकथाम, अन्वेषण, तकनीकी सहायता, अंतरराज्यीय समन्वय एवं पीड़ित सहायता प्रणाली को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
▪️ e-Zero FIR प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत प्राप्त लगभग सभी पात्र शिकायतों पर समयबद्ध अभियोग पंजीकृत किए जा रहे हैं।
▪️ Money Restoration Module (MRM) के माध्यम से साइबर ठगी के पीड़ितों की धनराशि सुरक्षित कराने एवं वापस दिलाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
▪️ म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर खातों की पहचान, फ्रीजिंग एवं विधिक कार्रवाई के माध्यम से संगठित साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
▪️ GRM, Sahyog Portal एवं Samanvaya Portal के प्रभावी उपयोग से शिकायतों का त्वरित निस्तारण, अवैध ऑनलाइन सामग्री पर कार्रवाई तथा राज्यों के मध्य समन्वय को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
▪️ साइबर अपराध हॉटस्पॉट की पहचान एवं सतत निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकी प्रणाली विकसित की गई है।
▪️CyTrain एवं Cyber Commando Programme के माध्यम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास किया जा रहा है।
▪️ विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं आमजन के लिए राज्यभर में *व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नागरिकों के लिए सुदृढ़ सहायता व्यवस्था
साइबर अपराध के पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखण्ड में 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 24×7 संचालित है। इसके अतिरिक्त US4C की समर्पित GRM एवं MRM टीमें शिकायतों के त्वरित निस्तारण, धनराशि की वापसी तथा आवश्यक मार्गदर्शन के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डीजीपी का कथन
उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय की PRAGATI समीक्षा में साइबर अपराध नियंत्रण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड का देश के शीर्ष पाँच राज्यों में स्थान प्राप्त करना राज्य पुलिस के लिए अत्यंत गौरव एवं संतोष का विषय है। यह उपलब्धि राज्य सरकार के मार्गदर्शन, उत्तराखंड पुलिस, STF तथा सभी संबंधित इकाइयों के समन्वित एवं तकनीक आधारित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस का लक्ष्य केवल साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक पीड़ित को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना तथा नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण सुनिश्चित करना है। भविष्य में भी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता के माध्यम से साइबर अपराधों के विरुद्ध अभियान को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जनता से अपील
उत्तराखण्ड पुलिस सभी नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सदैव सतर्क एवं जागरूक रहें। किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, CVV, बैंक खाते अथवा डेबिट/क्रेडिट कार्ड से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, मोबाइल ऐप या कॉल पर विश्वास न करें। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो तत्काल 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से धनराशि सुरक्षित रखने एवं वापस प्राप्त होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा है।
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