Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 26, 2026

शिक्षा व्यवस्था के सुधार के लिए आन्दोलन जारी, एसएफआई का का प्रदर्शन, कई संगठनों ने दिया साथ

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आज स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की उत्तराखंड राज्य कमेटी के नेतृत्व में देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया गया। ये प्रदर्शन देहरादून में परेड ग्राउंड के निकट कनक चौराहा में किया गया। इसमें विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक व छात्र संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शन में सीआईटीयू, डीवाईएफआई, जनवादी महिला समिति, आम आदमी पार्टी, इंसानियत मंच, पीएसएम, उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद तथा चेतना आन्दोलन के प्रतिनिधियों ने सक्रिय हिस्सेदारी की। सभी संगठनों ने एक स्वर में छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर पर्यावरणविद, रंगकर्मी, कलाकार, जनसरोकारों से जुडे पत्रकार भी मौजूद रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इस मौके पर एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मात्र पहला कदम है। जब तक एनटीए जैसी नाकाम संस्थाएं और केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली समाप्त नहीं होती, तब तक छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के बाद एसएफआई नेतृत्व ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर एसएफआई राज्य सचिव शैलेन्द्र परमार ने कहा कि देश के युवा अब और इंतजार नहीं करेंगे। केंद्र सरकार को तत्काल सार्थक कदम उठाने चाहिए। वहीं, स्थानीय प्रशासन द्वारा इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई। एसएफआई नेतृत्व ने भविष्य में भी इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने और आंदोलन को और व्यापक बनाने की बात कही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

ज्ञापन में मुख्य मांगें
1. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को समाप्त किया जाए।
2. परीक्षा प्रणाली का विकेंद्रीकरण किया जाए।
3. सीबीएसई परीक्षाओं में ओएसएम (वन-शिफ्ट मूल्यांकन) प्रणाली को समाप्त किया जाए।
4. एनईईटी और सीबीएसई से जुड़े घोटालों की स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो।
5. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को समाप्त किया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शन में शामिल लोग
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार त्रिलोचन भट्ट, पर्यावरणविद अनूप नौटियाल, रंगकर्मी सतीश धौलाखण्डी, फिल्म अभिनेत्री बबीता, जनवादी महिला समिति से इंदु नौडियाल, आम आदमी पार्टी से उमा सिसोदिया, डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष लेखराज, उपाध्यक्ष अभिषेक भंडारी, संयुक्त सचिव अंजलि सेमवाल, छात्र नेता हिमांशु चौहान, कनिका, सुप्रिया, इंसानियत मंच के हरिओम पाली, पीएसएम के विजय भट्ट, कमलेश, इंद्रेश नौटियाल, समीर, आयुष, इसरायल, अब्दुल उमर, मुकुल हैप्पी, गुरमीत, साक्षी, ज्योत्सना, विप्लव अनन्त, अनन्त आकाश, नुरैशा, अनिता आदि प्रदर्शन में शामिल रहे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।