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July 4, 2026

राम मंदिर की तर्ज पर उत्तराखंड के बद्री केदार मंदिरों में भी चढ़ावे की चोरी के आरोप, उत्तराखंड कांग्रेस नेता धस्माना ने सरकार को घेरा

अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर उत्तराखंड में भी बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में भी चढ़ावे की चोरी के आरोप लगे हैं। हालांकि, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। वहीं उत्तराखंड कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार की घेराबंदी की है। एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि देश और दुनिया के सनातनियों के आस्था के केंद्र बद्रीनाथ धाम व केदारनाथ धाम के मंदिरों में अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर चढ़ावा चोरी के आरोप बहुत गंभीर हैं। इस मामले में स्थानीय पुलिस या कोई केंद्रीय जांच एजेंसी की उच्च स्तरीय जांच संयुक्त संसदीय समिति की देख रेख में होनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि देश और दुनिया भर के सनातनी पहले ही अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के अरबों रुपये की चोरी से आहत हैं। अब घाव पर नमक लगाने वाली बद्री केदार मंदिरों में चढ़ावे की चोरी की खबरें सनातनी जनमानस की भावनाओं को बुरी तरह घायल कर रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकारें, चाहे वो यूपी की हो, या उत्तराखंड की, इन चोरियों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। राम मंदिर ट्रस्ट व बद्री केदार में बीकेटीसी दोनों ही भाजपा की सरकारों की ओर से गठित संस्थाएं हैं। ये संस्थाएं मंदिर के क्रियाकलापों निर्माण प्रबंधन सभी विषय देखते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि पहले श्री केदारनाथ मंदिर में 223 किलोग्राम सोना चोरी हुआ और इस मामले को भाजपा सरकार व बीकेटीसी ने रफा दफ़ा कर दिया। अब वहां चढ़ावे की हेराफेरी और श्री बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप लग रहे हैं, जो बहुत चिंताजनक व गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश व देश की जनता को भाजपा सरकार की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है। इसलिए राम मंदिर व बद्री केदार मंदिरों में सोने व चढ़ावे की चोरी की जांच संयुक्त संसदीय समिति की देख रेख में होनी चाहिए।राम मंदिर व बद्री केदार मंदिरों में चढ़ावा चोरी करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जो भविष्य के लिए नजीर बने। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदेश सरकार व भाजपा मना रहे किस बात का जश्न
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भारतीय जनता पार्टी व प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए पूछा कि प्रदेश महिला अपराधों के मामले में हिमालयी राज्यों में पहले पायदान पर खड़ा है। प्रदेश भर में महिलाओं के साथ बलात्कार, हत्या उत्पीड़न लगातार जारी है, ऐसे में भाजपा व उनकी सरकार किस बात का जश्न मना रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि राज्य गठन से लेकर आज तक प्रदेश में बेरोजगारी दर चरम पर है। ऊपर से तुर्रा यह कि भाजपा का संरक्षण प्राप्त हाकम सिंह और संजय धारीवाल जैसे नेता बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर लूट रहे हैं। नौकरियों के लिए जो परीक्षाएं आयोजित होती हैं, इनके प्रश्न पत्र लीक हो जाते हैं। बेरोजगार अपने आप को ठगा हुआ महसूस करते हैं। धस्माना ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और कैग की रिपोर्ट में यह स्पष्ट खुलासा हुआ कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में बड़ा घोटाला हुआ। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि पिछले साल की बरसात में जो आपदाओं से नुकसान हुआ, उनका आज तक पुनर्निर्माण व पुनर्वास कुछ नहीं हो पाया। इस बार फिर बरसात से नुकसान की खबरें आने लगी हैं। धस्माना ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन के बारे में विपक्ष के साथ साथ सत्ताधारी दल के संसद व विधायक खुल कर आरोप लगा रहे हैं। उसके बाद भी अगर सरकार व सत्ताधारी भाजपा जश्न के मूड में हैं तो अब इसका फैसला आने वाले दिनों में प्रदेश की जनता करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि भाजपा की जन विरोधी नीतियों व क्रियाकलापों के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल व पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में प्रदेश भर में कांग्रेस की परिवर्तन संकल्प यात्रा चल रही है। इसे जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल व टिहरी जिले के वरिष्ठ नेता सुशील डोभाल व आनंद सिंह पुंडीर उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के ये हैं आरोप
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले के बाद अब उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे में हेरफेर और चोरी का विवाद सामने आया है।इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने शुक्रवार तीन जुलाई, 2026 को एक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस मामले को लेकर ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से शिकायत की थी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मामले की गंभीरता को देखते हुए बीकेटीसी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। चोरी के मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष से जुड़े एक कर्मचारी पर चढ़ावे और दान के पैसों में आर्थिक हेराफेरी (चोरी) के आरोप लगे हैं। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मंदिर के चढ़ावे में गबन को लेकर जो आरोप और बातें चल रही हैं, उन्हें समिति ने बेहद गंभीरता से लिया है। मामले की तह तक जाने के लिए एक जांच समिति (Inquiry Committee) का गठन कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण (explanation) भी मांगा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मामले में सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि शामिल संदिग्ध कर्मचारी BKTC अध्यक्ष का निजी सचिव (Personal Secretary) है। इस पर सफाई देते हुए हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है। वह व्यक्ति उनका कोई निजी सचिव नहीं है, बल्कि वह बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का एक नियमित सरकारी कर्मचारी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बदरीनाथ और केदारनाथ सहित समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों, दान केंद्रों व धर्मशालाओं में पारदर्शिता बरतने, कड़ी निगरानी रखने और लेखा-जोखा ठीक से रखने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही कहा कि अगर जांच के दौरान यह आरोप सच साबित होते हैं, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

BKTC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोहन सिंह रंघाड़ ने बताया कि जांच समिति सभी उपलब्ध सबूतों, मंदिर परिसर के CCTV फुटेज और संबंधित पक्षों व कर्मचारियों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। CEO सोहन सिंह रंघाड़ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी तरह की अनियमितता या चोरी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939 और कर्मचारी आचरण नियमावली (Employee Conduct Rules) के तहत कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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