प्राथमिक शिक्षक संघ के आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने दिया समर्थन, सचिवालय घेराव में होगी भागीदारी
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से लंबित एवं न्यायोचित मांगों के समर्थन के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से सहयोग मांगा गया है। इस संबंध में शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति की ओर से भेजे गए पत्र के क्रम में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड ने शिक्षक संघ के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे एवं प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने जारी पत्र में सभी जनपद, मंडलीय एवं संबद्ध संगठनों के पदाधिकारियों से आह्वान किया गया है कि वे उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के आंदोलन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रमुख मांगों में टीईटी प्रशिक्षण की अनिवार्यता से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखा जाना तथा पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली शामिल है। परिषद ने इन मांगों को शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की मांग है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने कहा कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों की लगातार अनदेखी उचित नहीं है। परिषद शिक्षक संघ के संघर्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है तथा सरकार से अपेक्षा करती है कि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश प्रवक्ता हर्ष जोशी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में 22 जून 2026 को सचिवालय घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपने सभी घटक संगठनों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से उक्त कार्यक्रम में सहभागिता कर शिक्षक संघ के आंदोलन को समर्थन देने का आह्वान किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों एवं शिक्षकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सभी कर्मचारी संगठन एकजुट हैं तथा सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान निकालना चाहिए।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


