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May 30, 2026

अंकिता भंडारी हत्याकांडः बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम और अजय कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, लगाया जाम

उत्तराखंड में बीजेपी प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के देहरादून आने से अंकिता भंडारी को न्याय के लिए संघर्ष कर रहे लोग भड़क गए। उन्होंने राजपुर रोड स्थित गांधी पार्क के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उस होटल तक जाने की कोशिश की, जहां दुष्यंत गौतम रुके हुए थे। पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गौरतलब है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन तीन दिन के दौरे पर उत्तराखंड में हैं। इस दौरान बीजेपी की उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम भी उनके कार्यक्रमों में नजर आए। ऐसे में अंकिता भंडारी न्याय यात्रा से जुड़े लोग भड़क गए। उनका कहना है कि प्रकरण में दुष्यंत गौतम के साथ बीजेपी के अन्य नेता अजय कुमार का भी नाम सामने आया है। अंकिता भंडारी की हत्या के विरोध और उसमें शामिल लोगों के नाम उजागर करने की मांग को लेकर देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड में आंदोलन हुआ था। बाद में मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। अब आरोपी नेताओं को ही मंचों पर बैठाकर बीजेपी क्या संदेश देना चाहती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत नें कहा कि मध्यप्रदेश में महिला हत्या पर ज्यों ही सीबीआई जांच बैठाई जाती है, तो तीन दिन के भीतर ही CBI सक्रिय हो जाती है। वहीं, उत्तराखंड में अंकिता के मामले में CBI तीन माह बीत गए पर, लेकिन सीबीआई मौन है। कांग्रेस नेत्री सुजाता पॉल का कहना था कि सरकार की बेशर्मी को देख कर तो यही लगता है कि इस हत्याकांड में इन वीआईपी आरोपियों को बचाने में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के मुखिया भी मिले हुए हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

महिला मंच और गढ़वाल सभा से जुड़ीं निर्मला बिष्ट ने कहा कि दोनों नेताओं को पूरा उत्तराखंड अंकिता का आरोपी मान रहा है। फिर सरकार इनको इतना सम्मानित कैसे कर रही है। साथ ही सवाल किया कि सीबीआई ने अब तक इनसे कोई पूछताछ नहीं की। वरिष्ठ पत्रकार त्रिलोचन भट्ट ने कहा कि कितने दुख की बात है कि भाजपा की कुछ महिलाएं सजधज कर इन आरोपियों का स्वागत करती नजर आती हैं। इनको शर्म आनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल ने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं तब तक आंदोलन नही रुकेगा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक सीबीआईजांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम और अजय कुमार को पद से हटा दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उनका कहना था कि राज्यभर में हुए धरने प्रदर्शन के बाद दुष्यंत गौतम उत्तराखंड नहीं आ रहे थे। पार्टी के बैनरों होर्डिंगों पर भी उनके फोटो नहीं थे। वहीं, अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के देहरादून दौरे पर दुष्यंत अचानक सक्रिय हो गये हैं। कई जगह उनके होर्डिंग लगे और हटा दिये गए। इसके बावजूद वे पूरी ठसक के साथ देहरादून में जमे हुए हैं और कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शनकारियों ने उस होटल की तरफ बढ़ने का प्रयास किया, जहां दुष्यंत गौतम रुके हुए थे। इस पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। पुलिस की जोर जबदस्ती के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सांकेतिक जाम लगा दिया। इससे कुछ देर तक राजपुर रोड पर यातायात ठप रहा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अब भी दुष्यंत गौतम और अजय कुमार उत्तराखंड से वापस नहीं गए तो बड़ी संख्या में लोग सड़को पर उतरेंगे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर राजू सिंह, विमला कोली, उमा भट्ट, मोहित डिमरी, तुषार रावत, हरिओम पाली, सुजाता पॉल, ईश्वर पाल शर्मा, पंकज क्षेत्री, प्रो. राघवेन्द्र, शकुंतला, माहेश्वरी आदि मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मामले में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने और ढ़ंग से जाँच नहीं होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार मिला। अंकिता की माँ के दावों से मामले को अधिक तूल मिला। पुलिस के आरोप में प्रभावशाली व्यक्तियों के शामिल होने के दावे को शामिल नहीं किया। आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मामले में नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। ऐसे में नाम सामने आने के बाद इस हत्याकांड में सैकड़ों सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, बीजेपी के प्रदेश के महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस हत्याकांड में काफी समय पहले ही आ चुका है। इस नए खुलासे के बाद से ही हत्याकांड की हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और वीआईपी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के साथ ही आम लोग सड़कों पर उतर गए थे। सीएम धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति केंद्र सरकार को भेजी है। ये संस्तुति एनजीओ चलाने वाले पर्यावरणविद् डॉ. अनिल जोशी की ओर से दर्ज एफआईआर के बाद की गई।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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