पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी का अवसान एक कुशल राजनैतिक प्रशासनिक विरासत का अंतः डॉ. विजय धस्माना
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने इसे उत्तराखंड एवं देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. विजय धस्माना ने मेजर जनरल खंडूड़ी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। डॉ. धस्माना ने कहा कि खंडूड़ी जी के जाने से एक युग का अंत हो गया है। वह एक ऐसे समाजसेवी थे, जिन्होंने सेना में रहते हुए देश की सेवा की और यही सेवा भाव उनके राजनीतिक जीवन में भी सदैव कायम रहा। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन समाज एवं राष्ट्रहित के लिए समर्पित कर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
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उन्होंने कहा कि 13 नवंबर 2003 का दिन अत्यंत गौरवमयी एवं स्मरणीय रहा, जब एचआईएचटी संस्थापक डॉ. स्वामी राम के महासमाधि दिवस पर प्रथम बार ‘स्वामी राम मानवता पुरस्कार’ का शुभारंभ किया गया था। इस अवसर पर खंडूड़ी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। तब पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा को ‘स्वामी राम मानवता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. धस्माना ने कहा कि पूर्व सीएम खंडूड़ी का संस्थान के प्रति सदैव विशेष स्नेह एवं सहयोग रहा। संस्थान की प्रगति एवं विकास में समय-समय पर उनका मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त होता रहा, जिसे सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी जी को भारत के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने एवं ‘स्वर्णिम चतुर्भुज योजना’ को सफलतापूर्वक लागू करने का मुख्य श्रेय दिया जाता है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के रूप में उन्होंने सख्त निगरानी रखते हुए हाईवे परियोजनाओं को गति प्रदान की और देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


