ग्राफिक एरा में झलकी म्यांमार की संस्कृति, पारंपरिक गीतों पर नृत्य की दी प्रस्तुति
सिर्फ नाम से ही नहीं, बल्कि वासुदेव कुटुंबकम् की भावना से जुड़े ग्राफिक एरा में कई देशों की झांकी नजर आती है। आज ग्राफिक एरा में म्यांमार के नववर्ष पर भी ऐसा ही देखने को मिला। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में म्यांमार के पारंपरिक नववर्ष ‘थिंग्यान’ का आयोजन किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पारंपरिक वेशभूषा में सजे म्यांमार के छात्र-छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में म्यांमार से यहां पढ़ने आए छात्र-छात्राओं ने अपने पारंपरिक गीतों पर नृत्य और गायन की प्रस्तुतियां दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने खास व्यंजनों की झलक भी पेश की, जिससे उनके स्वाद और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिला। म्यांमार के छात्राओं ने केवल अपनी परंपराओं को साझा किया बल्कि सभी को इस उत्सव का हिस्सा बनकर साथ मिलकर जश्न मनाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
थिंग्यान की शुरुआत कुलपति डा. नरपिंदर सिंह, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा और डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डा. डी. आर. गंगोत्कार ने म्यांमार के छात्र छात्राओं के साथ केक काटकर की। इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल अफेयर्स डिपार्टमेंट ने किया। कार्यक्रम में इंटरनेशनल अफेयर्स डिपार्टमेंट के एक्जीक्यूटिव सूचित अरोड़ा के साथ बायोटेक के प्रोफेसर डा. वी.पी. उनियाल अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


