अखिल गढ़वाल सभा देहरादून का 75 वाँ स्थापना दिवस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रही धूम
अखिल गढ़वाल सभा का 75वां हीरक जयंती वर्ष देहरादून स्थित आईआरडीटी सभागार में मनाया गया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इससे पहले मुख्य अतिथि एवं सभा के संरक्षक और एचआरएचयू के के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रारंभ में इरा कुकरेती के नेतृत्व मे कर्नल रोक स्कूल के विद्यार्थियों ने शिव ताण्डव स्तोत्र की भव्य प्रस्तुति दी। इसके बाद टाइनी स्कूल के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। गुरु श्रद्धा बछेती के शिष्यों ने सुन्दर गढ़वाली नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद निर्मला बिष्ट के नेतृत्व में महिला मंच की बहनों ने थड़िया चौंफला नृत्य किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोकगायिका संगीता ढोण्डियाल ने अपने लोकप्रिय गीत तैं दिल्ली गुजरात और ढोल दमाऊ बजी गेना प्रस्तुत किया। अजबपुर की महिलाओं ने चौंफला लोकनृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही तारेश्वरी भंडारी के नेतृत्व में मोहनपुर क्षेत्र की महिलाओं ने भी थडिया नृत्य प्रस्तुत किया। पद्मश्री बसंती बिष्ट ने अपने शिष्यों के साथ झोड़ा नृत्य प्रस्तुत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आलोक मालासी ने गढ़वाली गीत, कवयित्री नीता कुकरेती ने गीत, कुलानंद घनशाला ने गढ़वाली कविता, भगवान प्रसाद घिल्डियाल ने पावन पवित्र धाम जै का बद्री केदार गीत प्रस्तुत किया। टाइनी स्कूल के विद्यार्थियीं ने गढ़वाली लोकनृत्य प्रस्तुत किया और साथ ही कर्नल रोक के विद्यार्थियों ने सुन्दर जागर पर नृत्य प्रस्तुत किया। निखिल सकलानी ने गढ़वाली गीत प्रस्तुत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पहले मुख्य अतिथि डॉ. विजय धस्माना ने सभा की प्रशंसा करते हुए हीरक जयंती की बधाई दी। साथ ही उन्होंने गढ़वाल सभा को स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी की ओर से हर सम्भव सहयोग देने का आश्वाशन दिया। सभा के अध्यक्ष रोहन धस्माना ने कहा कि सभा के हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में इस वर्ष अक्टूबर माह में 10 दिवसीय कौथिग के आयोजन किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महासचिव गजेंद्र भंडारी ने कहा कि इस वर्ष नवादा भूमि पर भवन का विस्तार किया जाएगा। वीरेंद्र असवाल, डॉ. सूर्य प्रकाश भट्ट, संतोष गैरोला, दिनेश बौड़ाई, संजय डिमरी, पंचम सिंह बिष्ट, एमएस असवाल, पंडित दामोदर सेमवाल और पंडित दिवाकर भट्ट आदि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



