Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

January 28, 2026

नासा के रिसर्च प्लेन की इमरजेंसी बेली लैंडिंग, घिसटने से लगी आग, जानिए हादसे की वजह

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का एक रिसर्च प्लेन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इस कारण अमेरिका के ह्यूस्टन शहर में स्थित एलिंगटन एयरपोर्ट पर इस प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हादसे की वजह लैंडिंग गियर न खुलने से मानी जा रही है। प्लेन रनवे पर फिसलने लगा। इसी बीच प्लेन के पिछले हिस्से से आग और धुआं उठने लगा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी क्रू सदस्य को चोट नहीं लगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

घटना मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे की है, जब NASA का WB-57 प्लेन रनवे 17R-35L पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, प्‍लेन में तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट को यह इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि प्‍लेन के पहिए बाहर नहीं निकले थे और वह सीधे अपने बैली (निचले हिस्से) के सहारे रनवे पर उतरा। उतरने के बाद प्‍लेन काफी दूर तक फिसलता रहा और फिर जाकर रुका। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्‍लेन में लगी आग
सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म X पर शेयर किए गए एक ग्राउंड वीडियो में प्‍लेन पहले रनवे पर तेजी से घिसटता हुआ नजर आया। रनवे पर रगड़ की वजह से प्‍लेन के पिछले हिस्‍से में आग लग गई और कुछ ही देर में यह आग तेज लपटों में तब्‍दील हो गई. हालांकि, एलिंगटन एयरपोर्ट पर मौजूद इमरजेंसी टीम ने तुरंत स्थिति संभाल ली और आग को जल्दी काबू में कर लिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यह NASA का WB-57 हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च प्‍लेन था। इस तरह के प्‍लेन साइंटिफिक एंड एटमॉस्फेरिक रिसर्च मिशंस लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। प्‍लेन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसकी वजह से उसका लैंडिंग गियर काम नहीं कर पाया। इसी कारण पायलट को बिना पहियों के इमरजेंसी बेली लैंडिंग करनी पड़ी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यह प्‍लेन जॉनसन स्पेस सेंटर के पास स्थित एलिंगटन फील्ड से उड़ान भरता है।  NASA वहीं से WB-57 विमानों का संचालन करता है। घटना के बाद रनवे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। ताकि प्‍लेन को सुरक्षित तरीके से हटाया जा सके और कोई और खतरा न रहे। NASA के पास इस तरह के तीन WB-57 रिसर्च प्‍लेन हैं, जो अलग-अलग वैज्ञानिक मिशनों में लगाए जाते हैं। WB-57 प्‍लेन 63,000 फीट से भी ज्यादा ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसलिए इसे हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च के लिए खास माना जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

जोरदार झटके के साथ उतरा था विमान
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में प्लेन को धीरे-धीरे नीचे उतरते, फिर रनवे पर जोरदार झटके के साथ टचडाउन करते देखा जा सकता है। वीडियो में नजर आ रहा है कि लैंडिंग के बाद प्लेन के विंग्स डगमगाने के साथ-साथ आग और धुआं निकल रहा है। रनवे पर फिसलते हुए प्लेन का दृश्य काफी डरावना नजर आता है, लेकिन अंत में प्लेन रुक जाता है। लोकल न्यूज चैनल KHOU 11 के फुटेज में दिख रहा है कि प्लेन रुकने के बाद कॉकपिट का हैच खुला हुआ है, फायर ट्रक भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और इमरजेंसी रिस्पॉन्डर प्लेन के अगले हिस्से के आसपास काम कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सभी क्रू मेंबर सुरक्षित
NASA ने इस बारे में X पर पोस्ट करके कहा, ‘आज हमारे एक WB-57 प्लेन में मैकेनिकल खराबी आई, जिसके कारण एलिंगटन फील्ड पर गियर-अप लैंडिंग हुई। इस मामले में तुरंत प्रतिक्रिया की गई और सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। किसी भी घटना की तरह, NASA इसकी वजह की पूरी जांच करेगा।’ NASA की प्रवक्ता बेथनी स्टीवंस ने भी यही जानकारी साझा की और कहा कि एजेंसी पारदर्शी तरीके से जनता को अपडेट देगी। बता दें कि WB-57 प्लेन नासा का स्पेशल हाई-एल्टीट्यूड रिसर्च एयरक्राफ्ट है, जिसकी बॉडी पतली होती है। यह दो क्रू मेंबर्स वाली सीट वाला प्लेन है और लगभग 6.5 घंटे तक लगातार उड़ सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एलिंगटन एयरपोर्ट पर तैनात रहते हैं 3 WB-57 प्लेन
WB-57 प्लेन 63,000 फीट या करीब 19,200 मीटर की ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम है। 1970 के दशक से यह प्लेन रिसर्च मिशन पर तैनात रहा है और वैज्ञानिकों के काफी काम आता है। NASA के जॉनसन स्पेस सेंटर के पास स्थित एलिंगटन एयरपोर्ट पर 3 WB-57 प्लेन तैनात रहते हैं। ह्यूस्टन एयरपोर्ट्स के डायरेक्टर ऑफ एविएशन जिम स्ज़ेस्नियाक ने बताया कि घटना के बाद आपातकालीन दल मौके पर तुरंत पहुंच गया था, और रनवे को प्लेन हटाने तक बंद कर दिया गया था। इस घटना जांच जारी है और नासा जल्द ही और जानकारी साझा करेगा।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *