गणतंत्र दिवस पर सोमन वांगचुक रिहाई मंच ने की सभा आयोजित, वक्ता बोले- स्वतंत्र आवाजों को कुचलना गणतंत्र का अपमान
गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमन वांगचुक रिहाई मंच ने सभा कैा आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्र आवाजों को कुचलना गणतंत्र का अपमान है। साथ ही कहा कि बीजेपी सरकार की ओर से गणतंत्र दिवस मनाना सिर्फ एक ढोंग है। यदि सचमुच इस सरकार की गणतंत्र और संविधान के प्रति आस्था होती तो शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ ही उमर खालिद और शरजील इमाम जैसी स्वतंत्र आवाजें जेल में नहीं होती। सोनम वांगचुक रिहाई मंच की ओर से सोनम वांगचुक के जेल में चार महीने पूरे होने और गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित इस सभा में सोनम वांगचुक के समर्थन में जोरदार नारेबाजी भी की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस सभा का आयोजन गांधी पार्क में किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम होने के कारण पुलिस ने गांधी पार्क में सभा न करने का अनुरोध किया था। इसके बाद यह सभा दीन दयाल पार्क में आयोजित की गई। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि सोमन वांगचुक की गलती सिर्फ यह थी कि उन्होंने सत्तासीन बीजेपी सरकार को लद्दाख के बारे में किये गये उनके वादे पूरे करने के लिए कहा था। चार महीने बीतने के बाद भी न तो उन पर आरोप तय किये गये हैं और न उन्हें जमानत दी जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जाने-माने पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि संविधान अच्छा है या बुरा, यह सवाल नहीं है। यदि संविधान रहेगा तो इसकी कमियां दूर करने की गुंजाइश बनी रहेगी। आज संविधान पर चारों तरफ से हमले हो रहे हैं। सरकारें संविधान विरोधी काम कर रही हैं। सीपीआई माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि भारत का संविधान समानता और धर्म निरपेक्षता की बात करता है, लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री एक समुदाय के खिलाफ नफरती भाषण देने में देश में पहले नंबर के नेता बताये जाते हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जन विज्ञान समिति के विजय भट्ट ने कहा कि गांधी पार्क में मुख्यमंत्री की सभा में यूसीसी को बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है, जबकि इसमें जो प्रावधान किये गये हैं वे संविधान के खिलाफ हैं। सभा में उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, विमला कोली, सामाजिक कार्यकर्ता परमजीत सिंह कक्कड़, जगदीश कुकरेती आदि ने भी अपने विचार रखे। सभा का संचालन हरिओम पाली ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर स्वतंत्र पत्रकार और एक्टिविस्ट त्रिलोचन भट्ट और जन रंगकर्मी सतीश धौलाखंडी ने संवैधानिक मूल्यों पर आधारित संविधान चौपाटी का आयोजन किया। इसमें संविधान से संबंधित प्लेकार्ड्स का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में मौलिक अधिकारों और नागरिकों के कर्तव्यों के साथ ही संविधान की प्रस्तावना के बारे में सरल शब्दों में बताया गया। उन्होंने संविधान का समर्पित जनगीत भी गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में पद्मा गुप्ता, निर्मला बिष्ट, नन्द नन्दन पांडेय, हिमांशु चौहान, वीके डोभाल, राजू सिंह, रुचि सिंह, मनीष केडियाल, डॉ. जितेन्द्र भारती, राकेश पंत, जयकृत कंडवाल, कृष्णा सकलानी, अशोक कटारिया, ईश्वर पाल शर्मा सहित कई लोग मौजूद थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



