गणतंत्र दिवस पर चेयरमैन डॉ कमल घनशाला की घोषणा, ग्राफिक एरा में गरीबों को निशुल्क इंजी. डिप्लोमा व एचएम ट्रेनिंग
ग्राफिक एरा ने उत्तराखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को निशुल्क इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स और होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग कराने की घोषणा की है। गणतंत्र दिवस परेड में ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने यह घोषणा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने और एनसीसी व एनएसएस की परेड की सलामी लेने के बाद डॉ कमल घनशाला समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई और उत्तराखंड की कुर्बानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 1947 तक भारत को विश्व में सबसे अग्रणी बनाने का प्रधानमंत्री का सपना साकार करने के लिए हमें निर्माण क्षेत्र में सबसे आगे आना होगा। इस दिशा में सतत शोध करने, नये शोधों को व्यवसायिक उपयोग में लाने का आह्वान करते हुए डॉ घनशाला ने कहा कि देश को सर्विस सेक्टर की तरह मैन्युफैक्चरिंग और कृषि आधुनिकीकरण के क्षेत्र में भी सबसे आगे लाने के लिए कार्य करने हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ घनशाला ने कहा कि उत्तराखंड के काफी युवा किसी ट्रेनिंग के बगैर होटल उद्योग में जाते हैं इसलिए उन्हें आगे बढ़ने के लिए नीचे से शुरुआत करनी पड़ती है। ग्राफिक एरा ने ऐसे युवाओं को ट्रेनिंग देकर उनका भविष्य संवारने और उन्हें आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके लिए उत्तराखंड के गरीब परिवारों के युवाओं को देहरादून और हल्द्वानी में निशुल्क होटल मैनेजमेंट का एक वर्ष का कोर्स कराया जायेगा। इसमें इंडस्ट्री की ट्रेनिंग भी होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसके साथ ही गरीब परिवारों के बच्चों को देहरादून और भीमताल में यूनिवर्सिटी निशुल्क इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कोर्स करायेगी। इसका लाभ उठाकर वे बच्चे आगे बढ़ेंगे जो आर्थिक कारणों से उच्च स्तरीय तकनीकी व प्रोफेशनल शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बेहतरीन परेड के लिए एनसीसी और एनएसएस की टुकड़ियों को दो लाख पचास हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पहले कुलपति डॉ नरपिंदर सिंह ने भारतीय संविधान की विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए देश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूरी क्षमता से कार्य करने का आह्वान किया। संचालन डॉ एम पी सिंह ने किया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



