बेटों से डर के साये में जी रही थी विधवा, डीएम ने लगाई क्लास, कहा करूंगा जिला बदर, घबराकर बेटों ने पैर पकड़कर मांगी माफी
एक विधवा अपने ही बेटों से डर के साये में जी रही थी। बेटे विधवा मॉं से दुर्व्यव्यहार, मारपीट करते थे। इसके चलते मां ने बीते दिनों डीएम से गुहार लगाई थी। इस पर जिला प्रशासन ने दोनों बेटों पर सख्ती की। गुंडा एक्ट की कार्रवाई उनके खिलाफ की तो बिगड़ैल बेटों के सुर बदल गए। जिला प्रशासन की कानूनी सख्ती से राह भटके बेटों को मां प्रति फर्ज याद आया। जिलाधिकारी ने कहा कि मॉं के पावं गिरकर माफी मांगो, वरना जिला बदर किया जाएगा। इसके बाद दोनों बेटो ने माफी की याचना की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये घटना उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की है। विधवा ने जिन बेटों को जन्म दिया, वही मां जब अपने बेटों के हाथों पिटने लगे और हर रात जान का डर सताने लगे, तब देहरादून का जिला प्रशासन उसके लिए ढाल बनकर खड़ा हुआ। बंजारावाला क्षेत्र की एक लाचार विधवा मां विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से गुहार लगाई कि उसके ही बेटे नशे में उसे पीटतें है, पैसे मांगते है और जान से मारने की धमकी देते है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और जनप्रतिनिधियों की बातों ने उस मां के दर्द की पुष्टि की। प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की तो बेटों को पहली बार अपनी मॉ के प्रति जिम्मेदारी एवं कर्तव्यों का एहसास हुआ। न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगी, नशा छोड़ने और हिंसा न करने का शपथ पत्र दिया। कानून का डर और मां की चुप्पी की पीड़ा दोनों ने मिलकर बेटे को झकझोर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विधवा मां के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी के मामले में जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई से दोंनो पुत्रों को अपने कर्तव्यों का बोध हुआ। गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत वाद दर्ज होने के बाद दोनों बेटों ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर नशा छोड़ने और मां के साथ दुर्व्यवहार न करने का वचन दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जिला प्रशासन की चेतावनी और कानूनी शिकंजे के बाद दोंनो बेटों के व्यवहार में सुधार को देखते हुए न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त की। देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि महिलाओं, विधवाओं व निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



