Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

November 30, 2025

एसआरएचयू में इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस, पढ़े जाएंगे 100 शोध पत्र

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित एसआरएचयू स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जौलीग्रांट में इंटरनेट ऑफ थिंग्स स्मार्ट इनोवेशन एंड यूसेज पर पांचवी अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने स्मार्ट प्रणालियों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर मंथन किया। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के आदि कैलाश सभागार में आयोजित कांफ्रेंस का शुभारंभ डॉ. स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मौके पर एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेन्द्र डोभाल ने कहा कि तकनीक मानव जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है इसलिए युवाओं को इस क्षेत्र में शोध, नवाचार, अध्ययन पर जोर देना होगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमारी प्रगति का साधन बन सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवावचार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्हांने छात्र-छात्राओं से तकनीक का सृजनकर्ता बनकर रोजगार सृजित करने की बात कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रति कुलपति डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बड़ी तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह स्वास्थ्य के मामले में पूरी दुनिया में बड़ी क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्य वक्ता इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्वालियर के निदेशक डॉ. श्रीनिवास सिंह ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वह सवाल करे, जब सवाल करेंगे तभी वह सही जानकारी हासिल कर पायेंगे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि आज के इस डिजीटल युग में सफल होने के लिए निरंतर नया सीखने और जिज्ञासु प्रवृत्ति को बनाये रखे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एशिया स्कूल ऑफ बिजनेस मलेशिया के डॉ. डेविड आसीरवाथम ने आईओटी पर चर्चा करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वह तकनीक है जो मशीनों को मनुष्यों की तरह सोचने, सीखने, निर्णय लेने और समस्याओं को हल करने की क्षमता देती है। उन्होंने कहा कि हम तकनीक का इस्तेमाल करें लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि तकनीक हमारी रचनात्मकता को समाप्त न कर दे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

आईआईटी इलाहबाद के डॉ. शेखर वर्मा, युनिवर्सिटी ऑफ ए कोरूना स्पेन के डॉ. फेलिक्स पुइमे गुइलेन ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, नेटवर्किंग और संचार, इंटेलिजेंस कंट्रोल और डिवाइसेस, तथा स्मार्ट इनोवेशन उपयोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इससे पूर्व डीन एसएसटी डॉ. प्रमोद कुमार ने कांफ्रेंस के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में 8 आमंत्रित वक्ता शामिल हैं। विशेषज्ञ चर्चा के लिए 10 सत्र निर्धारित है। उन्होंने बताया कि उन्हें 735 शोध पत्र प्राप्त हुए थे। इनमें से 100 को चुना गया है।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *