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July 11, 2026

नेपाल की घटनाओं पर उत्तराखंड की भी नजर, सीएम धामी ने की सीमाओं की सुरक्षा की समीक्षा

पड़ोसी देश नेपाल में सरकार के खिलाफ युवाओं के आंदोलन ने ऐरी रफ्तार पकड़ी कि वहां के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को इस्तीफे देने पड़े। युवाओं ने वित्त मंत्री को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। साथ ही सत्ताधारी और विपक्ष के राजनीतिक दलों के नेताओं की भी पिटाई की। भाई भतीजावाद की सरकार के खिलाफ और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर जब युवा सोशल मीडिया में लामबंद हो रहा था, तब सरकार ने सोशल मीडिया को बंद करा दिया। इससे जेनरेशन Z (1997 से 2012 के बीच पैदा युवा पीढ़ी) सड़कों पर उतरी और पुलिस की गोलीबारी में 20 से ज्यादा युवा मारे गए। साथ ही साढ़े तीन सौ से ज्यादा युवा घायल हो गए। ऐसे में आक्रोश की आग ऐसे फैली कि नेपाल की संसद को आग के हवाले कर दिया। राष्ट्रपति और पीएम के आवास को भी फूंक दिया गया। पूर्व पीएम के घर में लगाई गई आग में उनकी पत्नी की भी जलकर मौत की खबर है। भारत में उत्तराखंड की सीमा भी नेपाल से लगी है। ऐसे में यहां की सरकार को राज्य की सुरक्षा को चिंता होनी लाजमी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पड़ोसी देश नेपाल में हाल के दिनों में उत्पन्न हुए राजनीतिक हालातों को ध्यान में रखते हुए राज्य के तीन सीमांत जनपदों चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर के जिला प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नेपाल से सटी उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर संपूर्ण स्थिति की समीक्षा की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेपाल से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएं और वहां किसी भी असामाजिक या उत्पाती तत्व की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी भी सतत रूप से की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या उकसाने वाले कंटेंट पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि वे केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों एवं SSB के साथ निरंतर संपर्क व समन्वय बनाकर कार्य करें। सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, स्थानीय ग्राम समितियों, पुलिस बल एवं वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सामूहिक भागीदारी से निगरानी व्यवस्था को सशक्त बनाया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सीमाओं से लगे प्रवेश मार्गों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और सीमा पार से होने वाले आवागमन पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के भी आदेश दिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियों, सामुदायिक भागीदारी, खुफिया सूचना तंत्र की मजबूती, तथा केंद्रीय एजेंसियों से तालमेल के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव (गृह), एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी इंटेलिजेंस, कुमाऊं मंडलायुक्त, कुमाऊं परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, तथा चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक व सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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