पुलिस पिटाई के बाद मौत के मामले की हो जांच, परिजनों को मिले मुआवजा, डीएम से मिला संयुक्त प्रतिनिधिमंडल
ऋषिकेश में पुलिस पिटाई के बाद जेल में एक व्यक्ति की मौत के मामले में संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने आज जिलाधिकारी देहरादून से मुलाकात की। साथ ही घटना की जांच कराने, मृतक के परिजनों को मुआवजा देने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जिलाधिकारी को प्रतिनिधिमण्डल ने अवगत कराया कि ऋषिकेश पुलिस ने रणबीर सिंह को गिरफ्तार करने के बाद उनसे बुरी तरह मारपीट की। उन्हें चलने फिरने लायक नहीं छोड़ा। उसकी पत्नी से भी दुर्व्यवहार एवं मारपीट की गई। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मामले की न्यायिक जांच मुख्य दंडाधिकारी ऋषिकेश की ओर से की जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रतिनिधिमंडल कि मांग पर जिलाधिकारी ने एसएसपी देहरादून से भी बात की और पीड़ित परिवार की ओर से मांगी गई सूचना उपलब्ध कराने को कहा। प्रतिनिधिमंडल में आरयूपी केन्द्रीय अध्यक्ष नवनीत गुंसाई, सीपीआईएम के देहरादून सचिव अनन्त आकाश, यूकेडी की वरिष्ठ नेत्री एडवोकेट प्रमिला रावत, आन्दोलनकारि परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डंडरियाल, ग्राम पंचायत मन्धार घनसाली के प्रधान विजय सिंह रावत आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है प्रकरण
ऋषिकेश के ढालवाला निवासी रणवीर सिंह रावत को 22 जून को सादे कपड़ों में घर पहुंची पुलिस उठा कर ले गई। रणवीर सिंह पर स्कूटी चोरी का आरोप लगा। पुलिस ने 23 तारीख को रणवीर सिंह को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। 25 जून को रणवीर सिंह की जेल में मौत हो गई। आरोप है कि रणवीर सिंह की बुरी तरह से पिटाई के चलते मौत हुई है। परिजन इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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