देशभर में श्रमिकों की हड़ताल का मिला जुला असर, उत्तराखंड में भी जगह जगह प्रदर्शन
साल 2025 में लागू हुए चार नए श्रम कानून के विरोध में देशभर में ट्रेड यूनियन ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि यह नए कानून मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करते हैं साथ ही कंपनी को कर्मचारियों को निकालने की खुली छूट देते हैं। सरकार पर कॉरपोरेट समर्थक नीतियों का आरोप लगाते हुए श्रमिक संगठनों के भारत बंद का आज देशभर में मिला-जुला असर दिखा। मजदूर संगठनों ने सरकार पर मजदूर विरोधी, किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए भारत बंद का ऐलान किया था। इसमें 30 करोड़ मजदूरों के शामिल होने का दावा किया गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने दी मोदी सरकार को चेतावनी
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल का असर उत्तराखंड में भी देखने को मिला। देहरादून में गांधीपार्क से सचिवालय कूच के लिए रैली निकाली गई। इस दौरान देश कि राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। रैली में सीटू, एटक, इंटक से जुडी यूनियन, बस्ती बचाओं आंदोलन से जुड़े लोग शामिल हुए। रैली राजपुर रोड, घंटाघर, ऐसलेहाल से होते हुए सचिवालय पहुंची। जहां पुलिस द्वारा रैली को रोका गया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई। इसके पश्चात सभी आंदोलनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इससे पूर्व वक्ताओ ने मोदी सरकार कि मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार हमले किए। वक्ताओ ने कहा कि करोना काल में मोदी सरकार की ओर से सांसदों को निलंबित कर 44 श्रम कानून के स्थान पर मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं बनाई गईं, जो पूर्ण रूप से पूंजीपतियों के लाभ के लिए व मजदूरों को गुलाम बनाने कि ओर धकेलती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार जहां एक तरफ मजदूरों पर हमले जारी किए हुए हैं, वहीं किसानों पर भी हमले किए जा रहे हैं। अमेरिका के साथ ट्रेड डील भारत के किसानो को बर्बाद कर देगी। साथ ही मोटर यान अधिनियम 2023 परिवाहन में लगे व्यवसायियों को बेरोजगारी को बढ़ाएगा। इसका विरोध करते हैं। साथ ही इस अधिनियम को वापस लेने कि मांग करते है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय महमंत्री राजेंद्र सिंह नेगी, प्रांतीय सचिव लेखराज, पूर्व केबिनेट मंत्री व इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट, एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, बस्ती बचाओ आंदोलन के अनंत आकाश, किसान सभा के दलजीत सिंह, बलबीर सिंह इंटक के जिलाध्यक्ष अनील कुमार, वीरेंद्र नेगी, बैंक यूनियन से विजय गुप्ता, बैफी से जितेंद्र तोमर, ऐआईबीऐ के अध्यक्ष अनील जैन, सीटू उपाध्यक्ष भगवंत सिंह पायल, रविंद्र नौटियाल, राम सिंह भंडारी, जनवादी महिला समिति की प्रांतीय उपाध्यक्ष इंदु नौडियाल, उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन कि प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे, आंगनवाड़ी सेविका कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय संयोजक चित्रा, ज्योतिका पाण्डेय, उत्तराखण्ड भोजन माता कामगार यूनियन की महामंत्री मोनिका, एटक के प्रांतीय उपाध्यक्ष समर भंडारी, ऑटो रिक्शा से मनिंदर बिष्ट, जगदीश, अभिषेक भंडारी, एसएफआई के प्रांतीय सचिव शेलेन्द्र परमार, हिमांशु चौहान कुड़ियाल आदि ने विचार व्यक्त किेए। आंदोलन की कड़ी में देहरादून के विकासनगर, मसूरी, ऋषिकेश आदि में भी हड़ताल कर प्रदर्शन किेए गए।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



