भारत में कोरोना वैरिएंट पर डब्ल्यूएचओ ने जताई चिंता, वैक्सीन के प्रति इसकी प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा
भारत में तेजी से फैल रहा कोरोना के बैरिएंट अब विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक इसकी प्रतिरोधक क्षमता वैक्सीन से भी ज्यादा है।

भारत में तेजी से फैल रहा कोरोना के बैरिएंट अब विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक इसकी प्रतिरोधक क्षमता वैक्सीन से भी ज्यादा है। ऐसे में ये चिंता का विषय है। भारत में कोरोना महामारी ने तबाही मचा रखी है। बीते एक पखवाड़े से देश में तीन लाख से ज्यादा कोरोना केस रोजाना सामने आ रहे हैं। इस बीच सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत में फैलने वाले कोविड-19 वैरिएंट को लेकर चौंका देने वाला बयान दिया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि भारत में फैल रहा कोरोना वैरिएंट संक्रामक प्रतीत हो रहा है। इतना ही नहीं इसे “चिंता का विषय” श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
WHO ने कहा कि कोविड-19 का B.1.617 वैरिएंट पहली बार भारत में पिछले अक्टूबर में पाया गया था। यह वैरिएंट वायरस के ओरिजिनल वैरिएंट की तुलना में अधिक आसानी से फैल रहा है। संभवतः वैक्सीन के प्रति इसकी प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा है। कोविड-19 पर काम कर रही डब्ल्यूएचओ की वैज्ञानिक मारिया वान केरकोव ने कहा कि कोरोना का B.1.617 वैरिएंट का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, इसकी जानकारी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, “हम इसे वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय के रूप में वर्गीकृत कर रहे हैं। मंगलवार को डब्ल्यूएचओ के कोविड-19 पर होने वाली साप्ताहिक मीटिंग में इसके संबंध में और अपडेट दिया जाएगा।
दुनिया में महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक भारत में सोमवार को लगभग 3,70,000 नए कोरोना केस सामने आए हैं। 3700 से अधिक लोगों ने इसकी चपेट में आकर जान गंवा दी। विनाशकारी लहर ने देश की स्वास्थ्य तंत्र को झंकझोर दिया है। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना के अभी जो आधिकारिक आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह वास्तविक संख्या की तुलना में बहुत कम है।




