राज्यसभा की 16 सीटों पर वोटिंग आज, 41 सदस्य हो चुके हैं निर्विरोध निर्वाचित
द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव आज शुक्रवार यानि 10 जून को निर्धारित हैं। हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 16 सीटों पर एक करीबी मुकाबले की उम्मीद है। 15 राज्यों के कुल 57 राज्यसभा सीटों में से 41 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है।
द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव आज शुक्रवार यानि 10 जून को निर्धारित हैं। हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 16 सीटों पर एक करीबी मुकाबले की उम्मीद है। 15 राज्यों के कुल 57 राज्यसभा सीटों में से 41 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है। बाकी बचे 16 सीटों के लिए आज वोटिंग होनी है, क्योंकि उम्मीदवारों की संख्या सीटों से अधिक है।अब तक की स्थिति
राज्यसभा की 57 में से 41 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 14 बीजेपी, कांग्रेस और वाईएसआर कांग्रेस के 4-4 प्रत्याशी हैं. डीएमके और बीजेडी के 3-3, आम आदमी पार्टी, राजद, टीआरएस, अन्नाद्रमुक के 2-2, झामुमो, जेडीयू, सपा और रालोद के 1-1 नेता और निर्दलीय कपिल सिब्बल निर्विरोध निर्वाचित सदस्यों में शामिल हैं।
यूपी में सभी 11, तमिलनाडु में 6, बिहार में 5, आंध्र प्रदेश में 4, मध्य प्रदेश और ओडिशा में 3-3, छत्तीसगढ़, पंजाब, तेलंगाना और झारखंड में 2-2 और उत्तराखंड में 1 उम्मीदवार बिना किसी चुनाव के निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। अब महाराष्ट्र की 6, राजस्थान और कर्नाटक की 4-4 और हरियाणा की 2 सीट के लिए आज मतदान होना है।
राज्यसभा को समझिए
राज्यसभा का गठन देश में साल 1954, 23 अगस्त को किया गया था. गठन का मकसद था एक स्थायी सदन का होना. जिस तरह लोकसभा भंग हो सकती है उस तरह राज्यसभा भंग नहीं होती क्योंकि इसे स्थाई सदन माना गया है। राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल भी चुने हुए सांसदों से एक साल ज्यादा यानी छह साल का होता है। संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 250 हो सकती है. इन 250 में से 238 सदस्य किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से चुने जाते हैं। शेष 12 सदस्य देश के कोई भी प्रतिष्ठित व्यक्ति हो सकते हैं. जिन्हें राष्ट्रपति नामित करते हैं।
ऐसे होती है चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया को समझने के लिए +1 का फॉर्मूला समझना जरूरी होगा। इस प्रक्रिया को समझने के लिए हम उत्तर प्रदेश का उदाहरण लेते हैं। उत्तर प्रदेश में इस बार 11 सीटों पर राज्यसभा सदस्य चुने जाने हैं। इस बार यूपी के लिए जीत का फॉर्मूला कुछ इस तरह का होगा- 403/ [11+1 = 34 यानी जीत के लिए एक उम्मीदवार को 34 वोटों की जरूरत होगी।



