जमानत की शर्तों का उल्लंघन, यति नरसिंहानंद ने फिर उगला जहर, मुस्लिमों के संहार के लिए उकसाया, राजा चुप
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद के जहर वाले भाषण लगातार जारी हैं। पुलिस की कार्रवाई का शायद ही कोई असर दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद के जहर वाले भाषण लगातार जारी हैं। पुलिस की कार्रवाई का शायद ही कोई असर दिख रहा है। इस बार नरसिंहानंद ने हिमाचल के ऊना में मुस्लिमों के खिलाफ जहर उगला है। हरिद्वार हेट स्पीच मामले में अखिल भारतीय संत परिषद के हिमाचल प्रदेश के प्रभारी यति नरसिंहानंद जमानत पर रिहा हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के ऊना में एक ‘धार्मिक’ सम्मेलन में अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए एक नफरती बयान दिया है। बैठक में आयोजकों ने हिंदुओं से हथियार उठाने का खुला आह्वान किया और अन्य वक्ताओं ने मुसलमानों की हत्याओं का आह्वान भी किया। बैठक के आयोजकों में से एक, सत्यदेव सरस्वती का कहना है कि यह एक निजी कार्यक्रम था और यहां प्रशासन से अनुमति लेने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं, ऐसी हेट स्पीच को लेकर दो दिन पूर्व ही 13 विपक्षी दल साझा बयान जारी कर ऐसी घटनाओं की निंदा कर चुके हैं। साथ ही उन्होंने ऐसे मामलों में पीएम मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नरसिंहानंद ने कहा कि वर्तमान समय में हिन्दू समाज पतन की ओर बढ़ रहा है। पहले सिर्फ अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी की यात्रा पर पथराव होता था। अब राम नवमी, हनुमान जयंती किसी भी हिन्दू पर्व पर पथराव होने लगा है। इससे ज्यादा हिन्दुओं के लिए बुरा क्या होगा। आगे उन्होंने कहा कि देश की राजनीतिक व्यवस्था मुसलमानों के प्रति झुकाव रखती है। यही कारण है कि हिन्दुओं के साथ बुरा व्यवहार हो रहा है। हिन्दुओं को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करके उन्हें बलशाली बनाना चाहिए। ताकि वो अपने परिवार की रक्षा कर सकें।
वहीं इस मीटिंग के आयोजकों में से एक सत्यदेव सरस्वती ने एनडीटीवी को बताया कि यह एक निजी कार्यक्रम है। उन्होंने प्रशासन को लेकर कहा कि हम कानून में विश्वास नहीं करते। हम किसी से नहीं डरते। यहां हम सच कह रहे हैं। भड़काऊ भाषण नहीं दे रहे।
इस बार, ऊना में, साध्वी अन्नपूर्णा सहित कई उपस्थित लोगों ने भड़काउ भाषण दिया। साध्वी अन्नपूर्णा हरिद्वार मामले में भी मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलने के लिए पुलिस कार्रवाई का सामना कर रही हैं। अन्य लोगों के साथ साध्वी पर धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और पूजा स्थल को अपवित्र करने का आरोप लगाया गया था। जनवरी में हरिद्वार में एक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार किया गया था। इस कार्यक्रम में मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान किया गया था। यति नरसिंहानंद को 18 फरवरी को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। सूत्रों ने बताया, उनकी जमानत शर्तों में से एक यह भी है कि वह ऐसे आयोजनों में भाग नहीं ले सकते।
हालांकि, इस महीने की शुरुआत में भी यति नरसिंहानंद ने दिल्ली के बुराड़ी में मुसलमानों के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल के आह्वान करते हुए नफरती भाषण दिया था। पुलिस ने यति नरसिंहानंद का नाम लेते हुए एक एफआईआर दर्ज की थी, जिन्होंने कहा था कि उन्होंने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। आयोजक ने फिर भी “महापंचायत सभा” का आयोजन किया और उसमें करीब 700-800 लोग शामिल हुए।




