उत्तराखंडः मदन कौशिक बने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, अब विधानसभा अध्यक्ष पद से बैठा सकते हैं संतुलन

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की कैबिनेट में किसे जगह मिलेगी, इसे लेकर कयासों का दौर चल रहा है। साथ ही बड़ी खबर ये आई है कि मदन कौशिक को भाजपा का उत्तराखंड का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया है। राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने इस संबंध में नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है। इसमें बताया गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ये नियुक्ति की है। साथ ही खबर ये है कि भाजपा में संगठन से लेकर सरकार तक संतुलन बैठाने की तैयारी है। इसी के तहत मैदान से मदन कौशिक को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। वहीं, गढ़वाल से तीरथ सिंह रावत सीएम हैं। भगत को तीरथ मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। मैदानी क्षेत्र को भी तव्वजो देने के लिए ही प्रदेश अध्यक्ष बदले गए हैं। तीरथ कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह आज शाम 5 बजे राजभवन में होगा।
उधर, मदन कौशिक ने ट्विटर पर ट्विट कर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष का आभार जताया। उन्होंने ट्विट किया कि- भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तराखंड प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने पर मा. प्रधानमंत्री जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी एवं गृह मंत्री जी का आभार। 2022 मे पुनः उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनाने हेतु संकल्पित।

मदन कौशिक का परिचय
11 जनवरी 1965 को जन्मे मदन कौशिक भारतीय जनता पार्टी के एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं। वह हरिद्वार निर्वाचन क्षेत्र से चार बार विधायक हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में वह प्रवक्ता भी रहे। साथ ही संसदीय कार्यमंत्री का उन पर दायित्व था। वह हरिद्वार से विधान सभा के सदस्य हैं। उन्होंने 2007-2012 में मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें पहली बार 2002 में विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया था। उसके बाद 2007, 2012 और 2017 में। 2017 में, उन्होंने 37000 से अधिक मतों के अंतर से चुनाव जीता, जिससे कुल मतदान का 72 फीसद वोट मिला।
कैबिनेट को लेकर शाम को होगी तस्वीर साफ
सूत्र बताते हैं कि आज शाम पांच बजे तीरथ की कैबिनेट शपथ लेगी। कैबिनेट में पर्वतीय जिलों के साथ ही देहरादून, उधमसिंह नगर, हल्द्वानी, हरिद्वार जिलों का भी ध्यान रखा जाना है। सूत्र तो बता रहे हैं कि मैदानी जिलों को ज्यादा तव्वजो मिले तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। पहाड़ और मैदान के बीच की खाई को भी दूर करने का इसमें प्रयास हो सकता है। फिलहाल दावेदार अपने पक्ष में लॉबिंग में जुटे हैं। देखना ये है कि किसे कैबिनेट में तव्वजो मिल सकती है। मुख्यमंत्री गढ़वाल से हैं, तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मैदान हरिद्वार से बना दिए गए हैं। अब माना जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष कुमाऊं के विशन सिंह चुफाल या फिर भगत को बनाया जा सकता है। वहीं, वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
कैबिनेट के लिए नामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने तय करना है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस बार मंत्रिमंडल में सीएम सहित 12 मंत्री होंगे। कोई भी पद रिक्त नहीं होगा। पिछली त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में तीन मंत्री पद रिक्त रखे गए थे। मैदानी जिलों को इस बार ज्यादा तव्वजो देने के लिए कई लोगों को संगठन में भी अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं, नामों को लेकर इसी माथापच्ची के चलते सूची फाइनल होने में भी देरी हो रही है। पिछले मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ ही भाजपा संगठन में भी फेरबदल की भी संभावना है। ताकी तीरथ को अपने हिसाब से टीम मिले।
इन नामों पर है चर्चा
तीरथ की टीम में मदन कौशिक के अलावा बाकी सभी वे चेहरे रिपीट किए जा सकते हैं, जो त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। जिन नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है, उनमें पिथौरागढ जिले से बिशन सिंह चुफाल, नैनीताल से बंशीधर भगत, चमोली से महेंद्र भटट के नाम चर्चा में हैं। इन जिलों से त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में कोई सदस्य शामिल नहीं था।
महिलाओं का मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व बढ़ने की स्थिति में ऋतु खंडूडी या चंद्रा पंत को दावेदार बताया जा रहा है। चर्चा इस बात की भी है कि त्रिवेंद्र की टीम का हिस्सा रहे कांग्रेस पृष्ठभूमि के एक सदस्य को इस बार ड्राप किया जा सकता है।
ये था राजनीतिक घटनाक्रम
गौरतलब है कि छह मार्च को केंद्रीय पर्यवेक्षक वरिष्ठ भाजपा नेता व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह देहरादून आए थे। उन्होंने भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद फीडबैक लिया था। इसके बाद उत्तराखंड में आगामी चुनावों के मद्देनजर मुख्यमंत्री बदलने का फैसला केंद्रीय नेताओं ने लिया था। इसके बाद मंगलवार नौ मार्च को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, दस मार्च को भाजपा की विधानमंडल दल की बैठक में तीरथ सिंह रावत को नया नेता चुना गया। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल के पास जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। दस मार्च की शाम चार बजे उन्होंने एक सादे समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।




