मजदूरों और किसानों की मांग को लेकर उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस संघर्ष समिति और संयुक्त किसान मोर्चा का धरना
किसानों और मजदूरों की मांग को लेकर उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस संघर्ष समिति और संयुक्त किसान मोर्चा ने देहरादून स्थित दीनदयाल पार्क पर धरना दिया। इस प्रतिरोध दिवस मौके पर देहरादून के जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन उपजिलाधिकारी मुख्यालय अपू्र्वा सिंह को सौंपा गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राष्ट्रव्यापी आंदोलन के आह्वान के तहत प्रतिरोध दिवस मनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसान व मजदूर विरोधी कानूनों को वापस लिया जाए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि ये कानून पूंजीपतियों के हित को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इसके जरिये मजदूरों और किसानों को गुलामी की ओर धकेला जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
की गई ये मांग
1. किसान विरोधी बीज कानून 2025 वापस लिया जाए।
2. श्रमिक विरोधी चारों संहिताओं को वापस लिया जाये। निरस्त किये गए 29 श्रम कानूनों को बहाल किया जाए।
3. किसान व आम उपभोक्ता विरोधी विद्युत बिल 2025 को वापस लिया जाए।
4. महात्मा गाँधी ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को बहाल किया जाए। वीबीजीरामजी बिल 2025 को तत्काल वापस लिया जाए।
5. न्यूनतम वेतन 26000 रूपये घोषित किया जाए।
6. न्यूनतम समर्थन मूल्य सी 2 + 50% की खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धरने के दौरान मुख्य वक्ता
इस अवसर पर आयोजित सभा को राज्य किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रसाद देवली, महामंत्री भोपाल सिंह रावत, एटक के प्रदेश महामंत्री अशोक शर्मा, सीटू के जिलाध्यक्ष एस एस नेगी, किसान सभा के जिला अध्यक्ष कमरूद्दीन, जिला महामंत्री पुरूषोतम बडोनी, एटक के प्रदेश उपाध्यक्ष समर भंडारी, किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सजवाण, सीटू के जिला सचिव अभिषेक भंडारी, उपाध्यक्ष दीपक शर्मा आदि ने सम्बोधित किया। संचालन सीटू के जिला महामंत्री लेखराज ने किया। इस अवसर पर ऐडवा की जिला अध्यक्ष माला गुरुंग, ऐना देवी, उदय राम मामगाई, हरीश कुमार, महिपाल नेगी आदि भी उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



