उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री का दावाः दो दिन में खुल जायेंगे 479 मार्ग, सिंचाई विभाग को हुआ 72 करोड़ का नुकसान
प्रदेश के प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में प्रदेश में बंद 479 मार्गों को दो दिन के भीतर खोलने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में बीती 17 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक करीब 48 घंटे की बारिश से प्रदेश में भारी तबाही मची। आपदा में मारे गए लोगों की संख्या 72 हो चुकी है। चार लोग लापता हैं। 26 लोग घायल हैं। आपदा में अब तक 224 मकान ध्वस्त हुए। साथ ही प्रदेश भर में सड़कें अवरुद्ध हो गई। अब आपदा के जख्मों पर मरहम लगाने के प्रयास हो रहे हैं। प्रदेश के प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई, लोक निर्माण, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में प्रदेश में बंद 479 मार्गों को दो दिन के भीतर खोलने के निर्देश दिए।महाराज ने कहा कि 15 दिन के भीतर रिपेयरिंग एवं पैच वर्क के कार्य हर हाल में पूरे हो जाने चाहिएं और दिसंबर में नवीनीकरण भी हो जाना चाहिए। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि आपदा से प्रदेश में 49 स्टेट हाईवे बंद हो गये थे, जिनमें से 30 को पूरी तरह से खोल दिया गया है। बाकी बचे 19 को शीघ्र खोल दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों में 420 मशीनें सड़कों राय मलबे को हटाने में लगी है। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक के पश्चात बताया कि अचानक आई भारी वर्षा से नैनीताल अल्मोड़ा चंपावत के अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में कुल 554 मार्ग बंद हुए थे जिनमें से 75 खोल दिए गए हैं।
479 मार्ग, जिनमें मुख्यतया ग्रामीण मार्ग है, जिन्हें अगले दो दिनों में खोल दिया जाएगा। सतपाल महाराज ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों में पैच वर्क एवं मरम्मत के कार्य में तेजी लाई जा रही है। 5850 किलोमीटर सड़कों में से अब तक 3050 किलोमीटर में पैच मरम्मत का कार्य हो चुका है जबकि शेष कार्य 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमोद कुमार, अपर सचिव अतर सिंह, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग, संयुक्त सचिव श्याम सिंह मुख्य अभियंता सीएम पांडे एवं प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता वर्चुअल शामिल हुए।
लोक निर्माण विभाग की बैठक के पश्चात कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गढ़ी कैंट स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सभाकक्ष में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से आपदा में हुए नुकसान का जायजा लेने के साथ साथ उन्हें आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। सिंचाई मंत्री से सतपाल महाराज ने बताया कि अत्यधिक वर्षा के कारण सिंचाई विभाग की अनेक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। जिनमें मुख्यतः सिंचाई नहर, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य, लिफ्ट, बैराज, हैड रेगुलेटर आदि शामिल हैं। अत्यधिक वर्षा से प्रभावित नैनीताल, उधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत एवं हरिद्वार जनपदों में सिंचाई विभाग को लगभग 72 करोड़ के नुकसान का आंकलन किया गया है। बैठक के दौरान बैठक के द्वारा सचिव सिंचाई हरीश चंद्र सेमवाल, प्रमुख अभियंता मुकेश मोहन सहित अनेक विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
लिया नुकसान का जायजा
बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की वजह से राज्य के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का हाल जानने के लिए पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने सिचाईं और पर्यटन विभाग के अधिकारियों समेत विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने बैठक में अधिकारियों से आपदा में हुए नुकसान का हाल जानने के साथ उन्हें प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाने के भी निर्देश दिए।
शनिवार को गढ़ी कैंट स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) के सभागार में हुई बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी व डीएफओ वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इस दौरान उन्होंने उत्तरकाशी के जिलाधिकारी से उत्तराखंड से हिमाचल के लिए ट्रैकिंग पर हुई घटना की विस्तार से जानकारी ली और साथ ही निर्देश दिए कि भविष्य में इस तरह की कोई घटना न हो।
बैठक में पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों से प्रदेश में चल रही चारधाम यात्रा की भी जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्हें आसानी से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। बैठक में मौजूद सचिव पर्यटन दिलीप जावलर ने कहा कि ट्रैकिंग माउंटेनिंग के लिए पर्यटन विभाग की ओर से नई एसओपी तैयार की जा रही है। इसमें ट्रेकर्स के लिए ट्रैकिंग संबंधित जानकारी विस्तार से दी जाएगी। जिसे जल्द ही प्रदेश में होने वाली ट्रैकिंग माउंटेनिंग के लिए लागू किया जाएगा।
बैठक में यूटीडीबी के अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अश्विनी पुंडीर, अपर निदेशक पूनम चंद, अपर निदेशक विवेक सिंह चौहान, उप निदेशक योगेंद्र कुमार गंगवार, थल क्रीड़ा स्पोर्ट्स विशेषज्ञ रणबीर सिंह नेगी समेत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।




