उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन ने शिक्षा मंत्री की घोषणा का किया स्वागत, अन्य मांगों को लेकर होगा आंदोलन
उत्तराखंड में सीटू से संबद्ध उत्तराखंड भोजनमाता कामगार यूनियन की बैठक में लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का निर्णय किया गया। देहरादून स्थित सीटू के राज्य कार्यालय में आयोजित हुई। इस बैठक में शिक्षा मंत्री भोजन माताओं का मानदेय 2000 रुपये से बढ़ा कर 5000 रुपये करने की घोषणा का स्वागत किया गया।
ये बनाई आंदोलन की रणनीति
बैठक में कहा गया कि मंत्री घोषणा का शासनादेश शीघ्र जारी किया जाए। साथ ही अन्य लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत 2 अगस्त 21 से 8 अगस्त 21 तक ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन भेजे जाएंगे। इसके बाद 9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर जिला स्तरीय धरना व प्रदर्शन किया जाएगा।
ये हैं मांगे
भोजनमाताओं को 60 वर्ष पूरे होने पर ग्रेच्युटी, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन 18000 रुपये मानदेय, हटायी गयी भोजन माताओं की बहाली, कार्यरत भोजन माताओं को न हटाने, बड़े पैमाने पर विद्यालयों की बंदी के फैसले को वापस लेने, 45 व 46 वें श्रम सम्मेलन की शिफारिशें लागू करने आदि।
ये रहे उपस्थित
बैठक में सीटू के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, सचिव लेखराज उपस्थित थे। अध्यक्षता यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष रोशनी बिष्ट ने की तथा बैठक का संचालन महामंत्री मोनिका ने किया। इस अवसर पर उधम सिंह नगर से प्रांतीय उपाध्यक्ष रेखा राणा, टिहरी से मंजू नेगी, चमोली से भूपेंद्र नेगी, देहरादून से सुनीता, रजनी रावत, रामवती, अलका सजवाण, शाकुन्तला, विमल कौशिक, आरती, पूनम, बबली आदि उपस्तिथ थीं।





