यू ट्यूब में ठुमका नाम से प्रसारित गीत के खिलाफ यूकेडी मुखर, प्रदर्शन कर युवा कार्यकर्ताओं ने एसपी सिटी को सौंपा ज्ञापन
उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के निवर्तमान केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व मे कार्यकर्ताओं ने यू ट्यूब मे ठुमका नाम से प्रसारित गीत के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर निर्माता, निर्देशक और मुख्य कलाकारों के के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर एसपी सिटी सरिता डोभाल को ज्ञापन सौंपा गया।इस मौके पर बिष्ट ने कहा उत्तराखंड मे गढ़ रत्न नेरन्द्र सिंह नेगी और गोपाल बाबू गोस्वामी जैसे गायकों ने उत्तराखण्ड संगीत को नई ऊचाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया। राष्ट्रीय दलों पर गीतों के जरिये कटाक्ष किया। आज कुछ कलाकारों की ओर से उत्तराखंड की संस्कृति मे अश्लीलता को परोसकर गढ़वाली गीतों के माध्यम से बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही मुख्य कलाकारों की ओर से पिस्टल और दारू की बोतल को, शराब को महिला कलाकार के ऊपर डाल कर राज्य की महिलाओ के सम्मान को ठेस पहुँचाने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही नृत्य मे अश्लील भाव भंगिमाओ को दिखाकर पाश्चत्य संगीत की नकल की गयी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कई ऐसे महत्वपूर्ण विषय है, जिनको लेकर आप समाज को अपने संगीत एवं गीतों के माध्यम से बेहतरीन संदेश दे सकते हैं। इस प्रकार के वीडियो गीत के माध्यम से तमंचे को लहराकर इनके खिलाफ आर्म एक्ट मे उचित धाराओ पर केस दर्ज होना चाहिए। युवा प्रकोष्ठ के निवर्तमान केंद्रीय महामन्त्री बृज मोहन सजवाण ने कहा की इस प्रकार से सस्ती लोकप्रियता एवं अश्लीलता फैलाने वाले कलाकारों का सामाजिक विरोध होना चाहिए। साथ ही इस प्रकार के कोरियोग्राफर एवं मुख्य कलाकारों के साथ ही निर्माता निर्देशक के खिलाफ कड़ी कारवाई होनी चाहिए।
यूकेडी की देहरादून जिला कार्यकारी अध्यक्ष किरन रावत कश्यप ने कहा कि सस्ती लोकप्रियता चाहने वाले कलाकार अपने आपको उत्तराखंड के संगीत का ठेकेदार ना समझे। साथ ही संकृति विभाग को भी इस प्रकार के कलाकारों को तत्काल संस्कृति विभाग से ब्लैक लिस्टेड किया जाए। युवा उक्रांद के लुशुन टोडरिया ने कहा है कि उत्तराखंड की संस्कृति को ढोल दमौ से जाना जाता है। न कि बियर और बन्दूको से। ऐसे गाने युवाओं के मन मे हिंसक मानसकिता को जन्म दे सकते है।
युवा उक्रांद के रविन्द्र ममगाई ने कहा की उत्तराखंड की संस्कृति को ठेस पहुंचाने तत्वों को बिल्कुल बक्शा नहीं जाए। इनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों में केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय, उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के प्रवीन रमोला, रविंद्र ममगाई, बृज मोहन सजवाण, अंकेश भंडारी, श्याम रमोला, सुमित डंगवाल, प्रमिला रावत, अशोक नेगी, पंकज उनियाल आदि मजूद रहे।




