एई और जेई की लिखित भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में अधिकारी सहित तीन गिरफ्तार, बीजेपी नेता फरार
उत्तराखंड में भर्ती परीक्षा घोटाले में एक बार फिर से बीजेपी नेता का नाम सामने आया है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की सहायक अभियंता (एई) और अवर अभियंता (जेई) की लिखित भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने वाले आरोपी अनुभाग अधिकारी संजीव कुमार सहित तीन आरोपियों को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, चौथा आरोपी बीजेपी नेता फरार है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एसआईटी की ओर से पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से अभ्यर्थियों से अवैध रूप से अर्जित सात लाख रुपये की नकदी और विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक बरामद हुए हैं। एई-जेई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में एसआईटी ने बीते दिन नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसमें से पांच पहले से ही पटवारी भर्ती परीक्षा धांधली के आरोप में जेल में बंद है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शेष चार में तीन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव कुमार, नितिन चौहान और सुनील सैनी को एसआईटी ने शनिवार को उनके घर से गिरफ्तार किया। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के मुताबिक, इस मामले में सिर्फ एक आरोपी भाजपा नेता संजय धारीवाल अभी पकड़ा नहीं जा सका है। वह बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पटवारी भर्ती मामले में हो चुकी है पांच गिरफ्तारी
अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी, उसकी पत्नी रितु, शिक्षक राजपाल, उसके भतीजे संजीव दुबे, मनीष कुमार। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पेपर लीक करवाने के बदले संजीव कुमार ने लिए थे 28 लाख
जेई और एई की लिखित भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के लिए लोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव कुमार ने अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से 28 लाख रुपये में सौदा किया था। संजीव चतुर्वेदी ने पेपर लेकर उसे दलाल नितिन चौहान व सुनील सैनी के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के प्रकरण
गौरतलब है कि बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल की ओर से सीएम को शिकायत की गई थी। उन्होंने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से चार और पांच दिसंबर 2021 को आयोजित स्नातक स्तर की परीक्षा में अनियमितता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर जांच एसटीएफ को सौंपी थी। परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में सबसे पहले उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने छह युवकों को गिरफ्तार किया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में एक आरोपी से 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ। जो उसके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था। इस मामले में अब तक कुल 43 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसमें बीजेपी नेता भी शामिल है, जिसे पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। परीक्षा भर्ती मामले में अब तक कुल 94.79 लाख कैश बरामद किया है। इसी मामले में दो दर्जन से ज्यादा बैंक अकाउंट फ्रीज लिए जा चुके हैं। जिसमे करीब तीस लाख की राशि जमा है। ऐसे में कई परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वहीं, परीक्षाओं का संचालन उत्तराखंड लोकसेवा आयोग को दिया गया। आयोग की परीक्षाओं में भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इनमें लेखपाल, पटवारी परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया है। वहीं, जेई और एई परीक्षा में पेपर लीक के मामले में भी गिरफ्तारियां हो रही हैं। इनमें एक आरोपी बीजेपी का नेता भी है।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



