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January 18, 2026

उत्तराखंड में भी हो शराबबंदी, यूकेडी से जुड़ी महिलाओं का आबकारी आयुक्त के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन

उत्तराखंड में यूकेडी महिला विंग ने प्रदेश में शराब बंदी की मांग को लेकर आबकारी आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। केंद्रीय महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत और जिला कार्यकारी अध्यक्ष किरन रावत कश्यप एडवोकेट के नेतृत्व में ये प्रदर्शन किया गया।

उत्तराखंड में यूकेडी महिला विंग ने प्रदेश में शराब बंदी की मांग को लेकर आबकारी आयुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। केंद्रीय महिला अध्यक्ष प्रमिला रावत और जिला कार्यकारी अध्यक्ष किरन रावत कश्यप एडवोकेट के नेतृत्व में ये प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने गुजरात की भांति उत्तराखंड में भी शराबबंदी की मांग की। इस मौके पर विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म स्थान गुजरात में शराबबंदी लागू है, जबकि देवभूमि उत्तराखंड में इसे लागू नहीं किया गया है। यहां बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री जैसे पवित्र धाम विद्यमान हैं। भगवान के दर्शनों के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु चारधाम की यात्रा पर आते हैं। बड़ी दुखद एवं शर्मनाक बात है कि यहां लोग स्वयं शराब के आदी हो चुके हैं। शराब की खुली बिक्री होने के कारण यहां का नौजवान नशे की लत में चला गया है। इस कारण कई घर बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं। प्रदेश में शराब की खुली बिक्री हो रही है। वहीं, सरकार राजस्व का रोना रोती है।
उन्होंने कहा कि हम हम शराबबंदी कर प्रदेश में तीर्थाटन के माध्यम से भी राजस्व वसूल कर सकते हैं। जहां एक और शराबबंदी ना होने के कारण यह महकमा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है, वहीं शराब माफिया भी उत्तराखंड में सक्रिय हैं। हाल में ही आबकारी विभाग में एक अधिकारी ने शराब की दुकानों से वसूली की गई राशि का भी गबन कर दिया।शराब की दुकानों पर प्रिंट रेट से ज्यादा शराब बिक रही है। कई लोगों के घर नहीं चल पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग में कार्यरत ज्यादातर अधिकारियों के पास आय से अधिक संपत्ति है, जो भ्रष्टाचार से अर्जित की गई है। एसे में इनकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
ये हैं मांगे
-प्रदेश में पूर्णता शराबबंदी कर आबकारी महकमे को समाप्त कर दिया जाए।
-आबकारी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया जाए। शासन से इनसे संपत्ति के विवरण उजागर करने वाले प्रावधान पर शपथ पत्र लिए जाएं।
-राज्य में शराबबंदी का प्रस्ताव एवं कर्मचारियों का समायोजन का प्रस्ताव तैयार कराने के लिए शासन स्तर पर कमेटी का गठन किया जाए। कमेटी को यह भी निर्देशित किया जाए कि वह ऐसे अधिकारियों की सूची अलग से तैयार करें, जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। जिन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनको समायोजन ना किया जाए।
-यह की जैसा प्रचारित है की भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड से अटूट प्रेम करते हैं। ऐसे में देवभूमि में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री में श्रद्धा रखते हैं। प्रधानमंत्री जी को शराबबंदी का प्रस्ताव बनाकर राजस्व घाटे के लिए कुछ वर्षों के लिए राज्य को अतिरिक्त आर्थिक पैकेज के लिए प्रस्ताव और निवेदन किया जा सकता है।
-ऐसे अधिकारी जिनके ऊपर राज्य को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है, उनके खिलाफ जांच करके, भ्रष्टाचार पर उचित फैसला किया जाए।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शन करने वालों में में मीनाक्षी सिंह, गीता बिष्ट, कमला तोमर, पुष्पा गोसाई, विमला, सुनीता, सर्वेश्वर बिष्ट, लक्ष्मी राणा, रीना, सुलोचना इशवाल, सरोज मेहर, शांति, नीलम रावत, पूजा, सरोज कश्यप, मिथिलेश चौहान, वंदना दास, ईशा शर्मा, यूकेडी के निवर्तमान कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष आनंद प्रकाश जुयाल, निवर्तमान केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय, जिला अध्यक्ष देहरादून दीपक रावत, अशोक नेगी, जितेंद्र, विवेक, सुमित डंगवाल, अनिल डोभाल, सचिन, ललित आदि शामिल थे।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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