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April 3, 2025

गंगोत्री धाम के कपाट खुलने का समय तय, यमुनोत्री का समय तीन अप्रैल को होगा तय, बदरीनाथ और केदारनाथ का कार्यक्रम भी जानिए

उत्तराखंड में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के सात ही चारधाम यात्रा 2025 शुरू हो जाएगी। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और समय पहले से ही तय हो चुके हैं। वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया को खुलते हैं। ये तिथि 30 अप्रैल को है। अब गंगोत्री धाम कपाट खुलने का समय तय कर दिया गया है। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट खलुने का समय तीन अप्रैल को तय किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

चैत्र माह प्रतिपदा और हिन्दू नववर्ष के अवसर पर गंगोत्री धाम मंदिर समिति की ओर से गंगोत्री धाम के कपाटोद्धाटन की तिथि और समय निश्चित कर लिया गया है। आगामी 30 अप्रैल को गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर शुक्ल पक्ष में सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर विधिविधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। ऐसे में मां गंगा की पूजा आगामी छह माह तक गंगोत्री धाम में होगी केदारनाथ धाम के कपाट दो मई और बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुलेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गंगोत्री धाम के कपाट खुलने का कार्यक्रम
मां गंगा की विग्रह डोली शीतकाली प्रवास मुखबा गांव से 29 अप्रैल को दोपहर में विधिवत पूजा पाठ के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। मां गंगा की विग्रह डोली पैदल करीब 15 किमी दूरी पर स्थिति भैरों घाटी में भैरव मंदिर पहुंचेगी। वहां पर रात्रि विश्राम के बाद 30 अप्रैल को सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने का समय तीन अप्रैल को होगा तय
यमुनोत्री धाम के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन 30 अप्रैल को ही ही खुलेंगे। यमुनोत्री मंदिर समिति के मुताबिक, यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने का समय आगामी तीन अप्रैल को यमुना जंयती के अवसर पर निश्चित किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने का कार्यक्रम
बदरीनाथ धाम के कपाट इस साल मई के महीने में खोल दिए जाएंगे। कपाट 4 मई को सुबह 6 बजे खोल दिए जाएंगे। इससे पहले 22 अप्रैल को नरेंद्रनगर स्थित राज दरबार से गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा से शुरू होगी। दरअसल, इसमें भगवान बद्री के महाभिषेक के लिए एक तेल तैयार किया जाता है। तेल स्थानीय सुहागिन महिलाएं राज दरबार में तिलों से निकालेंगी। इसके बाद कलश यात्रा निकलेगी। कलश यात्रा ऋषिकेश से होते हुए श्रीनगर, रुद्रप्रयाग के रास्ते पांडुकेश्वर जैसी जगहों से गुजरेगी और तीन मई को बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। इसके बाद 4 मई को तिलों के तेल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा और फिर कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि
केदारनाथ मंदिर के कपाट दो मई के शुभ दिन प्रातः 7:00 बजे खुलेंगे। गढ़वाल हिमालय की मनमोहक पहाड़ियों में बसा केदारनाथ मंदिर सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जो चार धाम यात्रा का हिस्सा है। फिलहाल पिछले साल केदारनाथ थाम के कपाट बंद होने के बाद से ही बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली उनके शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में है। इन दिनों ओंकारेश्वर मंदिर में ही बाबा केदार के दर्शन हो रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है कार्यक्रम
श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली 28 अप्रैल को श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास के लिए प्रथम पड़ाव श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। 29 अप्रैल को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी से रात्रि प्रवास के लिए द्वितीय पड़ाव फाटा को प्रस्थान करेगी। 30 अप्रैल को फाटा से रात्रि प्रवास के लिए तृतीय पड़ाव गौरादेवी मंदिर गौरीकुंड पहुंचेगी। एक मई शाम को भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जायेगी। दो मई शुक्रवार को प्रात: 7 बजे वृष लग्न में श्री केदारनाथ धाम के कपाट तीर्थयात्रियों के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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