राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव को दी सूचना, अब होगा 18 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणवार आंदोलन
उत्तराखंड में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अब 18 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन के मूड में है। परिषद के नेता पिछले चार साल से लगातार सरकार का ध्यान मांगों की तरफ आकर्षित करते रहे हैं। साथ ही कई बार चरणवार आंदोलन भी कर चुके हैं। आंदोलन की कड़ी में जब हड़ताल की नौबत आती है, तो सरकार की ओर से किसी तरह उन्हें मना लिया जाता है। एक दो मांगों पर फैसले होते हैं, लेकिन बड़ी समस्या जस की तस बनी रहती है। हाल ही में परिषद की 27 दिसंबर 2025 को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। इसमें 18 सूत्रीय मांगों पर शासन एवं सरकार के स्तर से सकारात्मक निर्णय न लिए जाने के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का निर्णय किया गया था। अब इस आंदोलन की आधिकारिक सूचना परिषद की ओर से विधिवत रूप से उत्तराखंड के मुख्य सचिव को दे दी गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे एवं प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट ने बताया कि विगत लंबे समय से परिषद की ओर से शासन एवं सरकार के स्तर पर कई दौर की वार्ताएं मांगों के निराकरण के लिए की गई, किंतु शासन की ओर से लगातार मांगों को लटकाने का कार्य किया जाता रहा। अब राज्य कर्मचारी और अधिक इंतजार नहीं कर सकते हैं। उनमें व्यापक रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि 27 दिसंबर को प्रदेश कार्यकारिणी में परिषद के समस्त घटक संघों, परिषद की जिला एवं मंडल इकाइयों के पदाधिकारियों से मांगों के संबंध में व्यापक विचार विमर्श किया गया। सभी ने एकमत होकर राज्यव्यापी आंदोलन की मांग केंद्रीय कार्यकारिणी से की। ऐसे में अब परिषद आंदोलन करेगी। इसकी सूचना मुख्य सचिव को दे दी गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद के प्रदेश प्रवक्ता आरपी जोशी ने बताया कि परिषद का यह आंदोलन 15 जनवरी 2026 से विभिन्न विभागों की गेट मीटिंग से प्रारंभ होगा। इसमें फिर जिला स्तरीय धरना, प्रदेश स्तरीय धरना, विधायकों को ज्ञापन सहित दिनांक 13 मार्च 2026 को प्रदेश स्तरीय रैली उपरांत अनिश्चितकालीन आंदोलन किए जाने की घोषणा की गई हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि कार्मिकों के मांगपत्र की प्रमुख मांगें पूर्व की भांति 10,16, 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत वेतनमान सहित एसीपी, गोल्डन कार्ड में कैशलेस जांच एवं ओपीडी में जनऔषधि केंद्रों से मुफ्त दवाएं, वेतन समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना, एनपीएस के स्थान पर ओपीएस की बहाली सहित कुल 18 मांगें सम्मिलित हैं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



