जज ने कहा-मैं बिल्ली को घंटी बांधने के लिए तैयार, मिली तबादले की धमकी, राहुल गांधी बोले- संस्थानों को ध्वस्त कर रही बीजेपी
कर्नाटक हाईकोर्ट के जज एचपी संदेश ने आरोप लगाया था कि उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के खिलाफ टिप्पणी करने पर ट्रांसफर की धमकी मिली है। जज ने कहा था कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। जज ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एक ‘कलेक्शन सेंटर’ बन गया है। इस पर राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। राहुल गाधी ने कहा कि भाजपा एक के बाद एक संस्थानों को ध्वस्त करने में लगी है।राहुल गांधी ने जस्टिस एचपी संदेश का वीडियो भी ट्वीट किया है। इसमें देखा जा सकता है कि जज ट्रांसफर की धमकी की बात कह रहे हैं। वीडियो में जज कह रहे हैं कि मैं इसके लिए तैयार हूं, लोगों की भलाई के लिए। आपका एसीबी एडीजीपी एक शक्तिशाली व्यक्ति लगता है। मुझे इसके बारे में मुझे एक जज ने जानकारी दी। आदेश में ट्रांसफर की धमकी दर्ज की जाएगी।
साथ ही जज ने कहा कि मैं किसी से नहीं डरता। मैं बिल्ली को घंटी बांधने के लिए तैयार हूं। जज बनने के बाद मैंने संपत्ति जमा नहीं की है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर मैं पद खो देता हूं। मैं एक किसान का बेटा हूं। मैं खेती करने के लिए तैयार हूं। मैं किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं रखता। मैं किसी भी राजनीतिक विचारधारा को नहीं मानता।
राहुल गांधी ने DaroMat टैग के साथ टि्वटर पर लिखा है कि कर्नाटक में भाजपा की भ्रष्ट सरकार का पर्दाफाश करने के लिए हाई कोर्ट के एक जज को धमकी दी गई है। भाजपा एक के बाद एक संस्थानों को ध्वस्त करने में लगी है। हममें से प्रत्येक को निडर होकर अपना कर्तव्य निभाने वालों के साथ खड़ा होना चाहिए।
A HC judge has been threatened for exposing BJP’s corrupt govt in Karnataka.
Institution after institution is being bulldozed by the BJP.
Each of us must stand with those fearlessly doing their duty. #DaroMat pic.twitter.com/QxBR9FcFP8
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 5, 2022
ये है प्रकरण
कर्नाटक उच्च न्यायालय के जज एचपी संदेश पिछले सप्ताह एसीबी और उसके कामकाज के खिलाफ बेंगलुरु शहर के उपायुक्त कार्यालय के एक उप-तहसीलदार की जमानत याचिका पर सुनवाई की थी। दो कर्मचारियों को भूमि विवाद में आदेश के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि कैसे वरिष्ठ अधिकारियों को बचाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने एसीबी पर टिप्पणी की थी। जब मामला सोमवार को फिर सुनवाई के लिए आया तो उस दौरान जज ने ट्रांसफर की धमकी का जिक्र किया।



