Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

March 5, 2026

बगैर चश्मे के दूल्हा नहीं पढ़ सका अखबार तो लड़की पक्ष ने लौटा दी बारात

दूल्हे को चश्मा लगाए देख, दुल्हन पक्ष के लोगों को शक हुआ। उसे चश्मा उतारकर अखबार पढ़ने को दिया। जब वह नहीं पढ़ पाया तो लड़की पक्ष ने शादी रद्द कर दी और बारात लौटा दी।

शादी के दिन ही बारात वापस भेजने का चलन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। अब यूपी के औरेया जिले में भी ऐसी ही घटना सामने आई। यहां दूल्हे को चश्मा लगाए देख, दुल्हन पक्ष के लोगों को शक हुआ। उसे चश्मा उतारकर अखबार पढ़ने को दिया। जब वह नहीं पढ़ पाया तो लड़की पक्ष ने शादी रद्द कर दी और बारात लौटा दी। अब ये मामला पुलिस थाने पहुंच गया है।
मामला औरेया के सदर कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव का है। यहां अर्चना की शादी बंशी गांव निवासी शिवम से साथ थी। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष इस बात से अनजान थे कि दूल्हे की दृष्टि कमजोर है। ये बात लड़के वालों की तरफ से छिपाई गई। बारात आने पर जब दुल्हन और उसके परिवार की अन्य महिलाओं ने देखा कि दूल्हे को शादी में देखा तो वह चश्मा लगाए हुए था। ऐसे में लड़की वालों को शक हुआ और उसे बिना चश्मे के अखबार पढ़ने के लिए कहा गया।
बिना चश्मे के नहीं देख सकने वाला दूल्हा अखबार नहीं पढ़ पाया। इस पर दुल्हन के परिवार ने सबकी रजामंदी से शादी को रद्द कर दिया। दुल्हन के पिता अर्जुन सिंह ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि दूल्हे की आंखों की रोशनी इतनी कमजोर है. मेरी बेटी ने ये जानने के बाद शादी को रद्द करने का फैसला किया।
तब दुल्हन के परिवार ने मांग की कि दूल्हे के परिवार को नकद और दहेज के रूप में दी गई मोटरसाइकिल, साथ ही शादी के लिए किए गए सभी खर्चों वापस किए जाएं। दूल्हे के परिवार ने मांग से इनकार कर दिया। इस पर औरैया के एक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। दुल्हन के पिता का रहना है कि पुलिस ने आपसी समझ से मामले को सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन दूल्हे का परिवार कभी नहीं आया।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

1 thought on “बगैर चश्मे के दूल्हा नहीं पढ़ सका अखबार तो लड़की पक्ष ने लौटा दी बारात

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *