मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाह रही सरकार, उत्तराखंड में एक नहीं कई अंकिता का सवालः कुमारी शैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कहा कि यहां एक अंकिता नहीं, कई अंकिता का सवाल है। न्याय की लड़ाई लड़ने की ज़िम्मेदारी राजनैतिक दल की है और कांग्रेस उसी लड़ाई को लड़ेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड दौरे के दौरान देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि आज प्रदेश की राजनैतिक मामलों की समिति की बैठक थी। इसमे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इन मुद्दों में महत्वपूर्ण रूप से मनरेगा और अंकिता भंडारी प्रकरण शामिल रहा। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। यह सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है, यहाँ बात अधिकारो को ख़त्म करने की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि मनरेगा एक मांग आधारित रोजगार का कानूनी अधिकार था। इसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी। नया कानून इसे एक आपूर्ति आधारित योजना बनाता है, जहाँ काम की उपलब्धता केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित बजट और मापदंडों पर निर्भर करेगी। यह मापदंड प्रधानों के अधिकारों को ख़त्म कर देगा। पॉवर का विकेंद्रीकरण का स्वरूप खत्म हो जाएगा। मूल योजना में श्रम लागत का लगभग 90 फीसद रुपये केंद्र सरकार वहन करती थी। नए कानून में अधिकांश राज्यों के लिए यह अनुपात 60 फीसद केंद्र का और 40 फीसद राज्य का कर दिया गया है (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90 फीसद व10 है)। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि यह बदलाव राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालेगा, जिससे वे काम उपलब्ध कराने से हतोत्साहित होंगे। नया कानून राज्यों को चरम कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों तक काम रोकने की अनुमति देता है। ताकि खेतों में मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इससे मजदूरों की सौदेबाजी की शक्ति कम होगी और वे जमींदारों पर निर्भर होने के लिए मजबूर होंगे। पहले यह एक रोजगार गारंटी योजना थी, अब ये रोजगार ना मिलना गारंटी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि पूरे देश में इन बदलावों को लेकर विरोध किया जाएगा। हर प्रदेश में ये आंदोलन एक योजनाबद्ध तरीके से आयोजित होगा। इसके लिए एक ड्राफ्ट तैयार होगा। इसकी कमियां उजागर होंगी। उसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा। पूरे प्रदेश में 10 जनवरी को जिलेवार प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा। 11 जनवरी को धरना होगा। ये धरने गांधी जी या बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष होगा। इसके बाद 12 जनवरी से 29 फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से पंचायत स्तर पर चौपालों का आयोजन किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कुमारी शैलजा ने कहा कि राज्य में अंकिता भंडारी हत्याकांड में आए नए खुलासे से पूरा देश स्तब्ध है, आक्रोशित है। जब तक पूरे प्रकरण की जांच उच्चतम न्यायालय के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराने की घोषणा नहीं होती, कांग्रेस पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है। पत्रकार वार्ता का संचालन उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पत्रकार वार्ता में पार्टी के कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्लूसी सदस्य गुरदीप सप्पल, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा, सहप्रभारी सुरेन्द्र शर्मा, सहप्रभारी मनोज यादव, विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव काजी निजामुद्दीन, चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, विधायक ममता राकेश, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी, पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी, पूर्व मंत्री नवप्रभात, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, महेन्द्र सिंह पाल, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, विधायक फुरकान अहमद, विरेन्द्र जाति, अनुसूचित जाति के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, सोशल मीडिया के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, नदीम अख्तर एवं अमित मसीह आदि उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



