आज भी ये हालात क्यों है औरत कमजोर मर्द हैवान क्यों हैमर्द की मार सेहना औरत का काम क्यों हैजब...
Preeti Chauhan
कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं मैं बीती बातों का जिक्र करू तोकुछ दोस्त बहुत याद आते हैं वो साथ...
फिर उसने जिंदगी से अलविदा कह दिया होगा फ़ुर्सत के पलों मे बैठकर सोंचती हूँक्यों कोई अपनी जिंदगी से रुख्सत...
खास हो तुम… खुबियो का तो दिवाना सारा जहाँ है….तुम लाख खामिया होने के बाद किसी को चाहो….तो खास हो...
ज़िंदगी इतनी भी आसान नही है…थोडी मुश्किल है थोडा सन्घर्ष है…..हर मुश्किलो को पार कर जाओ…तभी तो तुम्हारी जीत है….....
काली रात फिर से आयेगी…. वही दरिंदगी से भरी रात फिर आयेगी..किसी मासूम निर्भया की इज्जत फिर निलाम की जायेगी…....
इतना काफी है। तू मेरी रातो का चमकता चॉद नही…पर तू कही और रोशन है….इतना काफी है। माना अब वक्त...
बहुत है…… खुल के मुस्कराने का जी चाहता है……पर गमो का कारवा भी तो बहुत है…….. उडना चाहती हूँ खुले...
