मलिन मास गया,कोरोना का काल गया।नवरात्र के अवसर पर,मां भगवती का वास हुआ। शरद ऋतु का साथ मिला,वान पैंय्या का...
Poem
शिला-सागर संवाद"व्यर्थ तुम्हारा सारा श्रम है, भ्रम सब हो जायेगा दूरकितनी भी बलवान लहर हो कर दूँगा मद सारा चूरजाने...
बढते रहोबढते रहो ।। नित नई कथा गढते रहो ,कंटक पथ पर चलते रहो ,दुनिया के ताने सुनो ,तुम हिम्मत...
