चिहुँकती चिट्ठी बर्फ का कोहरिया साड़ी ठंड का देह ढंक लहरा रही है लहरों-सी स्मृतियों के डार पर हिमालय की...
Literature
वक्त गुजर जाएगा आज जो गुजर रहा तेरे सामने कल हो जाएगा होंसलों में फूंक भर मुमकिन है संवर जाएगा...
न छौंका मारा दैं न तुक्का मारा दै अपणो का खातिर एक पहल करा धै न कैसी डरा धै न...
स्मृतियाँ स्मृतियों के पटल पर उग आए हैं, वर्तमान की चहकती इच्छाओं के गाछ अंकित हो गए हैं स्वप्निल इबारतें...
उम्मीद की उपज उठो वत्स! भोर से ही जिंदगी का बोझ ढोना किसान होने की पहली शर्त है धान उगा...
माँ का दिल दुख बेटे का देख पिघलता क्यूँ है। देखकर चोट वो मरहम उसे मलता क्यूँ है।। होती है...
मुसहरिन माँ धूप में सूप से धूल फटकारती मुसहरिन माँ को देखते महसूस किया है भूख की भयानक पीड़ा और...
हम पर तरस क्यों नहीं आता मम्मी पापा चाची चाचा, हम पर तरस क्यों नहीं आता। बिना पढ़ाई के घर...
थ्रेसर थ्रेसर में कटा मजदूर का दायाँ हाथ देखकर ट्रैक्टर का मालिक मौन है और अन्यात्मा दुखी उसके साथियों की...
कुछ सोच ज़रा देखो, लालच तो बुराई है। लालच ने हँसी जग की, दिन रात चुराई है।। की तुमने जमाखोरी,...
