आज खोल दो अमर द्वार आज खोल दो अमर द्वार, जहां खो गई तुम्हारी निश्छल जवानी। अब तो आ जाओ...
Literature
पत्रकार नारद जी पहले पत्रकार हुये समाचार संकलित करते थे देवता से लेकर दानव तक नारदजी इन्टरव्यू लेते थे। पत्रकारिता...
चारों तरफ हाहाकार क्यों इस करुण द्रवित हृदय में सबके, क्यों असहनीय सी ध्वनि बज उठती। क्यों चारों ओर हाहाकार...
प्रभु आशीर्वाद बनाए रखना ए मालिक मेरे आज सबकी, तुम जरूर हिफाजत करना। जिंदगी हो चाहे किसी की भी, उसे...
अभी समय है - शरण चले आ ! तू नियामक -शक्तिमान है, अजर अमर प्रभु अविनाशी। नश्वर प्राणी - दुर्बल...
ये देश कैसा है? मैं हिन्दू हूँ तू मुस्लिम है ये द्वेष कैसा है। नफ़रतों हैं हवाओं में ये परिवेश...
जिंदगी संसकारौं- कि- धरोड़, हूंद जिंदगी.. ज्यू भितर छुपी- मरोड़, हूंद जिंदगी.. मन्खि मन-जन चा़ंद, उनि-बड़ि जांद, मन कु क्वी-कोड़-छोड़,...
क्या लिखूं इन हालातों पर.... इन बदलते ख्यालातों पर.. सोचा क्या कभी ? क्यों ये हालात इतने बदलने से लग...
आँसू और मुस्कान जब-जब आँखों में आँसू दिल मचल-मचल छलकती है पीड़ा का क्रंदन होता है अंतर में टिस उभरती...
