एक दिन स्वप्न में मैने यमलोक की रहस्यमय घटना देखी। मैंने देखा कि मैं और मेरी दो चार सहेलियों के...
Literature
रुतबा व ! रुतबा-मान-सम्मान, अब कख रैगे. कैकि - भलै कु- ऐसान, अब कख रैगे.. तेरु कर्यूं- बोल्यूं , त्वेमक...
आज के हालात.. मक़्कारी आती नहीं हमें रास बड़े बड़े मिले मुझे सलाहकार और उनके हर कदम हैं मेरे खिलाफ...
सिपै-दादा हमरि सान-ईमान-गुमान, तुम छवा सिपै-दादा. बग्त हो-या कुबग्त, देसा-काम अवा सिपै-दादा.. छाति नि झुकि-न झुकलि, कैक अगोड़ि कबि, देश...
श्राद्ध पक्ष श्राद्ध पक्ष लगा आज से पित्रदेव धरती पर आये अपने घर-घर आकर वो सबको आशीष दे जाते। पूर्णिमा...
मां सरस्वती हे मां सरस्वती, तू प्रज्ञामयी मां चित्त में शुचिता भरो, कर्म में सत्कर्म दो बुद्धि में विवेक दो...
ज्यू-बुथै हमकु त बस, ज्यू- बुथ्यांणु हुयूं. ऊँ- कु- त, जिकुड़ि जळांणु हुयूं.. रोज भेजिदे, कखड़ि-मुंगर्युं फोटु, दिखै- दिखै हमथैं,...
अखबार घर म बैठिक अखबार थौ पढ़णु सोची तभी ईका बारा मा कतिक्या बढ़िया ग्यैल्या छ यूं खबर देंदू दुनिया...
बेगार हमन त जिंदगी भर, सचम बेगार कायी. अपड़ि जिंदगी, और्यूं पैथर बेकार कायी.. यूंका-ऊंका-सूंका पैथर , कख नि रीटा,...
निकमु-बग्त मोल- भौ न-पूछ कैसे, बग्त निकमू ऐगे आज. ना नि बोल़- कै बातौ, हांजि- हांजि रैगे आज.. भेड़चाला- यो...
