परिवार की रौनक होती है बेटियां, आँगन की शोभा होती है! सौभाग्य की प्रतीक होती बेटियां है, मधुर मन की...
Literature
पिता हैं मेरे उंगली पकड़कर चलना सिखा दर बाहों का झूला बनाकर झूलाया बाहर की नजरों से हमें बचाया मेहनत...
जीत-हार हरेका जीवनम, उकाळ- उंदार च. क्वी- डरि जांद, कैकु- बेड़ापार च.. हिकमत न टुटड़ि द्या, एक - हैंका, हिकमत...
सुनामी लहर तेरे किनारे बसे थे कुछ आस लेकर मना रहे थें तुमको सबकुछ देकर हंसी खुशी ज़िन्दगी गुज़ार रहे...
गूंणि बांदर अछे ? रै-होला हम, गूंणि-बांदर पैलि कबि. सची ? हमरि बि- क्य, पूंछ- रै-ह्वेलि कबि.. सैन्स कि खोज-...
लोगों को सिर्फ क्यों दिखती है शहर की चहल पहल, शानों-शौक़त क्यों किसी को नही दिखती वो कूड़ा बिनती लाचार...
गाड-गदिनु बसगाऴ- बोगदि गाड, गौंक छाल-छाल. कन करद- स्वीस्याट, गौक छाल- छाल.. गदिनु- बड़ि जांद- गाड, रोलि नी- तरेंदि, बगि...
घनन घन घन मेघ बरसे बन संवर कर बिजली चमके आगे पीछे हवा चलती दरवाज़े खिड़कियां भी खनके। घनन..................... बादलों...
वसुन्धरा वसुन्धरा की जलधारा से सारी धरती सजती है कहीं नदियां कहीं तालाब कहीं जलप्रपात घिरते है। सुन्दर वन...
नामदार ऊंची दुकान-फीकू पक्वान, ठिकी ब्वाल कैन. अपड़ि बात- अपड़ि छांच, अफी छ्वाळ कैन.. बड़ा- बड़ा नौं- का पैथर, यथ-...
