मैं एक आम आदमी हूं। नहीं-नहीं गलत कह गया। आम आदमी से भी ज्यादा बदतर। क्योंकि आम आदमी तो शायद...
Literature
वाकई छुआछूत एक बीमारी है, या फिर एक लाचारी। यह किसी को कभी भी लग जाती है, लेकिन इसकी चपेट...
कमाल के हैं भई रुंगा मांगने वाले। हो भी क्यों नहीं। अब तो पहले की तरह रुंगा मिलता नहीं। अब...
वेश बदलना भी एक कला है। वेश बदलकर जो पहचाना नहीं जाए, वही वेश बदलने की कला में माहिर होता...
अमूमन रविवार की सुबह टीवी ऑन कर पत्नी गाने लगा देती है। रंगोली में एक दिन फिल्म पहचान के गाना...
अक्सर कई बार सड़क पर कोई नोट पड़ा होता है तो उसे देखने वाला सबसे पहले ये देखने का प्रयास...
वाकई नाखून कमाल की चीज है। जिसमें खून ही नहीं है, वही तो नाखून है, जो हर व्यक्ति के पास...
पहली अप्रैल, यानि हंसी-खुशी व मजाक का दिन। इस दिन अक्सर कोई सच भी कहे तो पहली बार यही लगता...
ये डर ही ऐसी चीज है कि इससे कोई अछूता नहीं रहता। डर का कई बार वाजिब कारण होता है...
बचपन में एक कविता पढ़ी थी। उसका भाव यही था कि व्यक्ति के जीवन में सबसे उत्तम काम खेती है।...
