क्यों इस तरह छड़े पे तमाचा जमा दिया।देकर पुलिस की धमकी उसे है डरा दिया।। आराम करने देते छड़े को...
Ghazal
मैं सब को रखता हूँ खुशहाल घर में।मगर रह जाता हूँ बदहाल घर में।। मैं करता सब को मालामाल घर...
रोटियां दे भाषणों से पेट कब किसका भरा।बाज आ जा हरकतों से देखता होगा खुदा।। आदमी दुश्मन बना है आदमी...
