ताले की चाबी रक्खी है। कितनी खुशफहमी रक्खी है।। तुमने यारब मन में अपने। भर कितनी तल्खी रक्खी है।। अपना...
शायर
जाने माने शायर और दिल्ली के पीएफ कमिश्नर आलोक यादव की गजल फिर आने का वादा करके पतझर में, का...
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ताले की चाबी रक्खी है। कितनी खुशफहमी रक्खी है।। तुमने यारब मन में अपने। भर कितनी तल्खी रक्खी है।। अपना...
जाने माने शायर और दिल्ली के पीएफ कमिश्नर आलोक यादव की गजल फिर आने का वादा करके पतझर में, का...