जानते हैं गिरेंगे हर रोज चलने की कोशिश में, पर गिरने के डर से चले ही नहीं यह बात तो...
शिवानी एमआर जोशी
एक छोटा सा शब्द जिसमे मेरी जान बसती है, रोते हुए भी मेने मुकुराया हे जब मेरी माँ हंसती है...
जानते हैं गिरेंगे हर रोज चलने की कोशिश में, पर गिरने के डर से चले ही नहीं यह बात तो...
एक छोटा सा शब्द जिसमे मेरी जान बसती है, रोते हुए भी मेने मुकुराया हे जब मेरी माँ हंसती है...