हो के मग़रूर मुझे उसने सताया होगा।पैर की जूती समझ मुझको रुलाया होगा।। रोज़ ताने सुना दिल मेरा दुखाया उसने।नौकरी...
गजल
क्यों इस तरह छड़े पे तमाचा जमा दिया।देकर पुलिस की धमकी उसे है डरा दिया।। आराम करने देते छड़े को...
रोटियां दे भाषणों से पेट कब किसका भरा।बाज आ जा हरकतों से देखता होगा खुदा।। आदमी दुश्मन बना है आदमी...
