हिम्स जौलीग्रांट में अत्याधुनिक पीएसीएस रिपोर्टिंग सिस्टम की शुरुआत
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ( हिम्स), जौलीग्रांट के रेडियोलॉजी विभाग में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम (PACS) आधारित उन्नत रिपोर्टिंग प्रणाली का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस प्रणाली का उद्घाटन विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना एवं संस्थापक सदस्य डॉ. सैमुअल ने संयुक्त रूप से किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि संस्थान निरंतर अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप अपनी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है, और PACS प्रणाली उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगी, बल्कि मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
PACS तकनीक के बारे में
PACS (Picture Archiving and Communication System) एक अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक है, जिसके माध्यम से सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे जैसी सभी रेडियोलॉजी इमेजिंग जांचों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रूप से संग्रहित, देखा और साझा किया जा सकता है। यह प्रणाली अस्पताल के विभिन्न विभागों और चिकित्सकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है, जिससे इमेजिंग डेटा तक तुरंत पहुंच संभव हो जाती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मरीजों को होने वाले प्रमुख लाभरेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र रघुवंशी ने बताया कि आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम (PACS) आधारित इस प्रणाली के लागू होने से मरीजों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होंगे। जांच के बाद रिपोर्ट पहले की तुलना में काफी तेजी से उपलब्ध हो सकेगी, जिससे समय की बचत होगी। उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल इमेजिंग के माध्यम से रोग का अधिक सटीक निदान संभव होगा। साथ ही, मरीजों को अब एक्स-रे या अन्य फिल्में साथ लेकर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वहीं, डॉ. प्राची काला ने बताया कि इस प्रणाली के जरिए चिकित्सक मरीजों की रिपोर्ट कहीं से भी आसानी से देख सकेंगे, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनेगी। इसके अतिरिक्त, फिल्म और केमिकल के उपयोग में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस दौरान डॉ.विजेंद्र चौहान, डॉ.हेमचंद्र पांडेय, डॉ. अशोक देवराड़ी, डॉ.रेनू धस्माना, डॉ.प्रकाश केशवया, डॉ.राजेश माहेश्वरी, डॉ.मंजू सैनी सहित रेडियोलॉजी विभाग के विभिन्न चिकित्सक व स्टाफ मौजूद रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


