ग्राफिक एरा में मनाया राज्य स्थापना दिवस, जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति से झूमे छात्र, संस्थान में दो नए कोर्स की घोषणा
देहरादून में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में आज जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने छात्र-छात्राओं को सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने- देनी हो जा माता, से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए ढोल सागर की महत्वता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्होंने लोक संगीत के विभिन्न पहलुओं को उत्तराखंड में जागर के महत्व को समझाया। उन्होंने जय शक्ति ब्रह्मा विष्णु महेशवरी, त्रिलोक जैन ने विजय विश्व विनी, मालिनी उजागर ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।इस मौके पर जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय का धन्यवाद देते हुए ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर कमल घनशाला को पहाड़ रत्न बताया। कहा कि शिक्षा के माध्यम से डॉक्टर कमल घनशाला अंतर्राष्ट्रीय पटल पर उत्तराखंड का मान बढ़ा रहे हैं। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डॉ संजय जसोला ने इस अवसर पर कहा कि ग्राफिक एरा जल्द ही प्रीतम भरतवाण जागर ढोल अंतर्राष्ट्रीय एकेडमी के साथ ढोल सागर व जागर गायन पर आधारित पाठ्यक्रम की शुरुआत करेगा।
कोर्स की शुरुआत ढोल व जागर में तकनीकी रूप में महारथ हासिल करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम में थाली, मांगल, हुड़का आदि वाद्य यंत्रों को सीखने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डॉ संजय जसोला ने पद्मश्री प्रीतम भरतवाण को फैशन विभाग द्वारा तैयार की गई उत्तराखंडी टोपी भेंट की। कार्यक्रम में प्रो वाइस चांसलर डॉ ज्योति छाबड़ा, रजिस्ट्रार कैप्टन हिमांशु धूलिया, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद थपलियाल ने किया।



