राज्य आंदोलनकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों ने किया प्रदर्शन, सरकारी जमीन से जुड़ा है मामला
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ही सामाजिक संगठनों ने आज देहरादून के जिलाधिकारी के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस मौके पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव को जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया गया। मुद्दा था देहरादून के रेसकोर्स में सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द करके अवैध निर्माण करने का। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कहा गया कि रेसकोर्स में कुछ लोगों की ओर से बन्नू इंटर कालेज के आसपास कुछ लोगों की ओर से सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द किया गया है। साथ ही उनमें पक्के आवास बना दिये गए हैं। इस ओर ध्यान भटकाने के लिए इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों पर तरह तरह से दबाव बना रहें हैं। साथ ही उन पर झूठे मुकदमें दर्ज कर रहे हैं। इस सन्दर्भ में पूर्व में भी सभी उचित माध्यमों को समुचित कार्यवाही की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने भूमि को खुर्दबुर्द करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदर्शन करने वालों में आंदोलनकारी परिषद के संरक्षक नवनीत गुंसाई, अध्यक्ष विपुल नौटियाल, जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार, सपा के प्रदेश महामंत्री अतुल शर्मा, सीपीआई के सचिव अनन्त आकाश, सीआईटीयू के जिला महामंत्री लेखराज, उपाध्यक्ष भगवन्त पयाल, कोषाध्यक्ष रविंद्र नौडियाल, नेताजी संघर्ष समिति के प्रभात डंडरियाल, भीम आर्मी के नगर अध्यक्ष आजम खान, चिन्तन सकलानी, हेमा बोरा, सुरेश यादव, पुष्पलता वैश्य, सुभागा फर्सवाण, सुशील विरमानी, रामपाल, पुष्पा बहुगुणा, कल्पेश्वरी, अनिता रावत आदि शामिल थे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।

Bhanu Prakash
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



