एसआरएचयू को क्यूएस एशिया रैंकिंग 2026 में स्थान, अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना बोले- उत्कृष्ट परिणामों की नींव साबित होगी यह उपलब्धि
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय को एशिया स्तर पर 1380 वीं रैंक प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को दर्शाती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उच्च शिक्षा के स्तर को और ऊपर पहुंचाने को प्रतिबद्ध
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि इस उपलब्धि को गर्व का विषय बताते हुए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। कहा कि यह सफलता आने वाले वर्षों में और भी उत्कृष्ट परिणामों की नींव साबित होगी। अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि विश्वविद्यालय न केवल उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि शोध कार्यों में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि हम भविष्य में भी उच्च शिक्षा के स्तर को और ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी टीम की मेहनत और समर्पण ने यह संभव किया है। हम निरंतर सुधार और नवाचार के माध्यम से अपने छात्रों को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती पहचान
क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में एशिया के लगभग 6,350 विश्वविद्यालयों में से 1,526 संस्थानों को रैंक किया गया है। यह आंकड़ा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। इस सूची में भारत 294 विश्वविद्यालयों के साथ दूसरा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश रहा है। खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व उपलब्धियां भी रही हैं उल्लेखनीय
उल्लेखनीय है कि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय को पहले भी NAAC द्वारा A+ ग्रेड मान्यता प्राप्त हो चुकी है। साथ ही, NIRF रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय को स्थान मिल चुका है, जिससे इसकी शैक्षणिक साख मजबूत हुई है।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। यह सफलता एसआरएचयू को भविष्य में शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


