उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत को सोनिया गांधी ने दी अहम जिम्मेदारी, पंजाब में करेंगे ये प्रयास
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अहम जिम्मेदारी दी है। वे उस तीन सदस्यीय कमेटी में शामिल हैं, जिसे सोनिया गांधी ने गठित किया है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अहम जिम्मेदारी दी है। वे उस तीन सदस्यीय कमेटी में शामिल हैं, जिसे सोनिया गांधी ने गठित किया है। ये कमेटी पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और उनके पूर्व कैबिनेट सहयोगी नवजोत सिंह सिद्धू के रिश्तों में आइ खटास को दूर करने का प्रयास करेंगे।बीते कई दिनों से दोनों नेताओं की खटास की खबरें सुर्खियों में हैं। इन नेताओं के एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी का दौर जारी है। इन दोनों नेताओं के बीच संबंध सुधारने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कदम उठाया है। सोनिया गांधी ने दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जेपी अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सोनिया गांधी की ओर से गठित यह समिति राज्य में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के अंदरूनी कलह और गुटबाजी के मद्देनजर बनाई गई है। सोनिया गांधी ने देर रात किया था, लेकिन सार्वजनिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई थी। हरीश रावत का कहना है कि पैनल को पंजाब में पार्टी और सरकार को मजबूत करने और राज्य में पार्टी नेताओं के बीच मतभेदों को हल करने के दोहरे उद्देश्यों के साथ काम सौंपा गया है।
रावत ने कहा कि हमारी प्राथमिकता जमीनी स्तर पर सरकार और पार्टी को मजबूत करना और पंजाब में कांग्रेस को एकजुट करने और 2022 के विधानसभा चुनावों में उसकी जीत सुनिश्चित करने में मदद करना हैष उन्होंने कहा कि तीनों नेता शनिवार को एआईसीसी मुख्यालय में बैठक करेंगे। ताकि इसके उद्देश्यों को पूरा करने के तौर-तरीकों पर काम किया जा सके।





कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा सही निर्णय, हरीश रावत जी योग्य है
हरीश रावत जी काबिल नेता हैं वह सब सुलझा लेंगे