मसूरी सहित उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, हिमस्खलन की चेतावनी, जिलों की श्रेणी तय, दून में सर्दी बढ़ी, जानिए मौसम पूर्वानुमान
उत्तराखंड में एक बार फिर से पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मसूरी, धनोल्टी, सुरकुंडा, चकराता सहित चारधाम और कुमाऊं की पहाड़ियों पर हिमपात से और अधिक सर्दी बढ़ गई है। पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी के चलते उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री, यमुनोत्री सहित राज्य के अन्य पर्वतीय जिलों में हाईवे और अन्य संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो चुके हैं। वहीं, राज्य में तेज बारिश और एवलांच की चेतावनी दी गई है। वहीं, पर्वतीय जिलों के लिए हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पहाड़ों की रानी मसूरी में देर रात को ही हल्की बर्फबारी हुई। बर्फबारी के बाद शहर में ठंड बढ़ गई है। वहीं, तेज हवाओं ने भी परेशानी बढ़ा दी है। वहीं, आज सुबह भी बर्फबारी तो हुई, लेकिन बारिश से बर्फ बह गई। देर रात से लेकर आज 28 जनवरी की सुबह तक देहरादून सहित राज्य के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, पर्वतीय क्षेत्र में बारिश के साथ बर्फबारी भी हुई। बारिश और बर्फबारी के बाद यमुनोत्री हाईवे राना चट्टी से आगे और राडी टॉप क्षेत्र में आवाजाही के लिए बंद है। इससे उत्तरकाशी जिले के रवांई घाटी का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। यमुनोत्री के साथ ही राज्य के अन्य पर्वतीय स्थानों पर भी सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। बर्फबारी की चेतावनी को देखते हुए पौड़ी, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर में स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ऊंचाई वाले क्षेत्र में हिमस्खलन की चेतावनी, खतरे की श्रेणी घोषित
उत्तराखंड राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सभी जनपदों को सतर्क कर दिया गया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 27 जनवरी 2026 सायं 05:00 बजे से 28 जनवरी 2026 सायं 05:00 बजे तक राज्य के विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी एवं हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डीजीआरई की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार जनपद उत्तरकाशी, चमोली एवं रुद्रप्रयाग को नारंगी रंग की श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है। इस श्रेणी में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी एवं अस्थिर बर्फ जमी रहती है। इसके कारण प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना रहती है। ऐसे हिमस्खलन मध्यम आकार में घाटी तल तक पहुँच सकते हैं। इस स्थिति में केवल चयनित एवं अपेक्षाकृत सुरक्षित मार्गों से ही अत्यंत सावधानी के साथ सीमित आवागमन उपयुक्त माना जाता है तथा बर्फ से लदी ढलानों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि जोखिमपूर्ण हो सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जनपद पिथौरागढ़ को पीले रंग की श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है। इस श्रेणी में कुछ हिमस्खलन मार्गों पर अस्थिर बर्फ पाई जाती है तथा सीमित क्षेत्रों में छोटे आकार के प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बनी रहती है। ऐसी स्थिति में घाटी क्षेत्रों में सावधानी के साथ आवागमन संभव है, किंतु बर्फ से ढकी ढलानों पर जाने से बचाव आवश्यक होता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
जनपद बागेश्वर को हरे रंग की श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है। इस श्रेणी में सामान्यतः स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, हालांकि कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बर्फ की अस्थिरता पाई जा सकती है। बाहरी कारणों अथवा मानवीय गतिविधियों के प्रभाव से सीमित स्थानों पर हिमस्खलन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस संबंध में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देशों के क्रम में राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर सतत निगरानी बनाए रखें। संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता सुनिश्चित करें। जनसामान्य को समय रहते आवश्यक सूचना एवं परामर्श उपलब्ध कराएं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
साथ ही नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे चेतावनी अवधि के दौरान अनावश्यक रूप से बर्फ से ढकी ढलानों एवं हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में आवागमन न करें, बर्फबारी के दौरान अथवा उसके पश्चात ढलानों के नीचे रुकने से बचें तथा अपने घरों, अस्थायी आवासों एवं गोशालाओं की छतों पर जमी बर्फ को सुरक्षित रूप से हटाते रहें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि किसी कारणवश अत्यधिक बर्फबारी वाले ऊँचाई क्षेत्रों में अस्थायी रूप से निवास करना पड़ रहा हो, तो परिस्थितियों के अनुरूप एक से दो दिनों के लिए सुरक्षित एवं निचले क्षेत्रों में स्थानांतरित हो जाना उपयुक्त रहेगा। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड में मौसम का पूर्वानुमान
आज बुधवार 28 जनवरी की सुबह तक राजधानी देहरादून में जोरदार बारिश होती रही। दिन चढ़ने के साथ ही बारिश थम गई। कई स्थानों पर धूप तो कहीं कहीं बादल छाए रहे हैं। इसी तरह की स्थिति गढ़वाल मंडल के कई जिलों की है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आज राज्य के कुमाऊं मंडल के जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, 3000 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर बर्फबारी संभावित है। गढ़वाल मंडल के जिलों में कहीं कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और 3000 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर बर्फबारी हो सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
29 और 30 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में कहीं कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश और 3000 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी संभावित है। राज्य के शेष जिलों में मौसम शुष्क रह सकता है। 31 जनवरी को उक्त जिलों के साथ ही रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। राज्य के शेष जिलों में मौसम शुष्क रह सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एक फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, 2800 मीटर या उससे अधिक की ऊंचाई पर बर्फबारी और शेष जिलों में कुछ स्थानों पर इसी तरह का मौसम रह सकता है। दो फरवरी को राज्य के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, 2800 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी, मैदानी जिलों में कहीं कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। तीन फरवरी को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले में कहीं कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश 2800 मीटर या अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी संभावित है। शेष जिलों में मौसम शुष्क रह सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
चार दिन का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में अगले एक से दो दिन में मैदानी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस, पर्वतीय क्षेत्र में एक से दो डिग्री तक गिर सकता है। सप्ताह के दौरान राज्य के पर्वतीय क्षेत्र की घाटियों में कहीं कहीं हल्के के मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। आज 28 जनवरी को राज्य के कुमाऊं मंडल के जिलों में कहीं कहीं आकाशीय बिजली चमकने का, 29 और 30 जनवरी को हरिद्वार और उधमसिंह नगर जिले में कहीं कहीं घना कोहरा छाने, एक फरवरी को राज्य के जिलों में कहीं कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
देहरादून का तापमान
आज 28 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे देहरादून का तापमान अधिकतम सीमा 14 डिग्री के करीब पहुंच गया था। इसके न्यूनतम पांच डिग्री रहने की संभावना है। 29 जनवरी से लेकर चार फरवरी तक देहरादून का अधिकतम तापमान क्रमशः 17, 19, 18, 17, 19, 17, 17 डिग्री रह सकता है। इस दौरान न्यूनतम तापमान छह, आठ, आठ, आठ, आठ, सात, सात डिग्री रहने का अनुमान है। ऐसे में देहरादून में आज दिन में भी ज्यादा सर्दी है। वहीं, आगे के दिनों में रात को सर्दी उतार चढ़ाव का दौर जारी रहेगा।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



