चन्द्रदीप्ति पत्रिका के छठे अंक का विमोचन, विभिन्न क्षेत्र के लोगों को किया सम्मानित, फ्लोरिडा और उरूग्वे से भी जुड़े लोग
उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में साहित्य जगत की सुरुचि संपन्न सकारात्मक अभिव्यक्ति की अर्द्ध वार्षिक पत्रिका चंद्रदीप्ति के छठे अंक का ऑनलाइन विमोचन किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्र में योगदान करने वालों को सम्मानित किया गया। अगस्त्यमुनि स्थित पत्रिका कार्यालय में हुए समारोह में कुछ ही लोग भौतिक रूप से जुड़े। वहीं देश और दुनियां से लोगों ने वर्चुअली भागीदारी निभाई। मुख्य अतिथि फ्लोरिडा अमेरिका से चक्रधर सेमवाल तथा हिंदी एवं संस्कृत अकादमी दिल्ली के सचिव डॉ. जीत राम भट्ट आदि कई ने इसमें वर्चुअली या भौतिक रूप से प्रतिभाग किया।इस अवसर पर सोशल मीडिया संपादक मनोज कुमार थापा ने दीप प्रज्जवलन के दौारन गणपति वंदना की। समन्वय संपादक मनमोहन भट्ट ने अतिथियों स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि चक्रधर सेमवाल ने कहा कि साहित्य साधना एक कठिन कार्य है। अत्यंत हर्ष और प्रशंसा का विषय है कि राष्ट्रीय स्तर की पत्रिका चंद्रदीप्ति का विमोचन उत्तराखंड के सुदूरवर्ती जनपद रुद्रप्रयाग से हो रहा है। रुद्रप्रयाग जनपद प्राचीन काल से शिक्षा व साहित्य में अग्रणी रहा है। यहां पर कवि कुलगुरु कालिदास जी ने अपने काव्यों की रचना की। विमोचन व सम्मान समारोह के विशिष्ट अतिथि संस्कृत अकादमी व हिंदी अकादमी के सचिव डॉ जीतराम भट्ट ने इस उल्लेखनीय पहल पर चन्द्रदीप्ति परिवार को साधुवाद दिया।
इन्हें किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में अगस्त्य पर्यावरण मित्र समिति के सचिव नरेंद्र दत्त सेमवाल, हैल्पेज इंडिया हॉस्पिटल गिंवाला चन्द्रापुरी के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रंग लाल यादव, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका डॉ. गीता नौटियाल, राइंका खुमेरा ऊखीमठ के प्रवक्ता सुशील कुमार खंडूरी, राजकीय प्राथमिल विद्यालय कोठेड़ा के प्रधानाध्यापक प्रदीप पुजारी, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि के छात्र प्रीतम सिंह बिष्ट , 7वर्षीय क्रिकेटर अक्षज त्रिपाठी (जूनियर बुमराह के नाम से प्रचलित) को चंद्रदीप्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।
इन्होंने रखे विचार
इस अवसर पर आचार्य कृष्णानंद नौटियाल, नरेंद्र दत्त सेमवाल, शम्भू प्रसाद सेमवाल, अतुल अवधिया, उरुग्वे अमेरिका से उदय कांत द्विवेदी, चंद्रदीप्ति पत्रिका के सहसंपादक कमलेश कुमार पांडे ने अपने विचार प्रकट किए। चन्द्रदीप्ति के संरक्षक बृजमोहन चन्द्र भट्ट ने सबका स्वागत और मार्गदर्शन किया गया। कार्यक्रम के अंत में चंद्रदीप्ति पत्रिका के संपादक विनोद प्रकाश भट्ट ने आमंत्रित अतिथियों का धन्यवाद और आभार प्रकट किया गया।
बाल साहित्यकारों को किया जा रहा है प्रोत्साहित
उन्होंने कहा चंद्रदीप्ति पत्रिका लेखकों, साधकों व नवोदित रचनाकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। लेखकों और बाल साहित्यकारों में रचनात्मकता की अभिवृद्धि के लिए पत्रिका निरंतर प्रकाशित की जा रही है। बाल साहित्यकारों के लेखों को विशेष स्थान पत्रिका में दिया जाता रहा है। पत्रिका के इस अंक में भी बाल साहित्यकरों की इक्कीस रचनाएं प्रकाशित हैं।
इन्होंने किया प्रतिभाग
कार्यक्रम का संचालन राउप्रावि डाँगी गुनाऊँ के नवाचारी शिक्षक हेमंत चौकियाल ने किया। इस अवसर पर रुद्रप्रयाग जनपद के नवाचारी विज्ञान शिक्षक शैलेंद्र सिंह राणा, देहरादून से डीआरडीओ के वैज्ञानिक डीपी त्रिपाठी। अधिशासी अभियंता रेखा डंगवाल, ऑस्ट्रेलिया से आभा नवीन ( भाभा अनुसंधान केन्द्र में बरिष्ठ वैज्ञानिक रहे हैं), पश्चिम बंगाल से आकाश रंजन, कोटा राजस्थान से कमल महावर, पालघर महाराष्ट्र से प्रकाश द्विवेदी, श्रीनगर गढ़वाल से शंभू प्रसाद भट्ट ‘स्नेहिल’, लखनऊ से अतुल कुमार अवधिया, चंडीगढ़ से रोटरी क्लब के अध्यक्ष एवं प्रबंधक एवं ब्यूरो चीफ चन्द्रदीप्ति सुभाष चंद्र भट्ट , दक्षिण अमेरिका से उदय कांत द्विवेदी, चंडीगढ़ से डा अनिरुद्ध , दिल्ली से डा. शिवकुमार, पंचकूला हरियाणा से आचार्य विश्वनाथ, अम्बाला से देवी प्रसाद भट्ट, कोटी से दिनेश प्रसाद पुरोहित, राइंका रूद्रप्रयाग के प्रधानाचार्य नरेश जमलोकी, नैनीताल से एडवोकेट जयवर्धन कांडपाल, देहरादून से वरिष्ठ साहित्यकार बीना बेंजवाल, बाल साहित्यकार प्रांजल भट्ट, देहरादून से रोहणी, रूद्रप्रयाग से प्रदीप सेमवाल, अगस्त्यमुनि से ललिता रौतेला (बाल मंच संपादक चंद्रदीप्ति), बसुकेदार से बुद्धि बल्लभ भट्ट, पर्वत प्रेमी प्रमोद वशिष्ट, कालीमठ से मनोज भट्ट, श्रीनगर से अंजू बमोला और सरोज रावत, अगस्त्यमुनि से श्यामनंदन भट्ट, जवाहर नगर से गोवर्धन सेमवाल, देहरादून से त्रिलोचन प्रसाद सेमवाल, चंद्रमौलेश्वर सेमवाल (ब्यूरो चीफ देहरादून चंद्रदीप्ति), कैलाश चंद्र पुरोहित (ब्यूरो चीफ चंद्रदीप्ति मुंबई), रूद्रप्रयाग से रमेश मैठाणी, रूद्रप्रयाग से नागेन्द्र सिंह नेगी, दिल्ली से प्रशांत सेमवाल, आशा खंडूड़ी और इन्दु गैरोला सहित कई साहित्यप्रेमी और समाजसेवी वर्चुअली जुड़े।
कोरोना के प्रति लापरवाह नजर आए लोग
पत्रिका विमोचन के दौरान कोरोना के नियमों के प्रति लापरवाही भी देखी गई। रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में कार्यक्रम के दौरान लोग एक दूसरे से सटकर खड़े रहे और सबसे मास्क गायब रहे। अभी कोरोना की दूसरी लहर समाप्त नहीं हुई है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ तीसरी लहर की चेतावनी दे रहे हैं। यदि स्थिति ऐसी ही रही तो तीसरी लहर और जल्द आ सकती है। शिक्षित लोगों के कार्यक्रम में ही ऐसी लापरवाही देखी जाएगी तो आमजन से क्या अपेक्षा की जाएगी। क्योंकि जब तक पूरी आबादी को कोरोना का टीका नहीं लगता तब तक शारीरिक दूरी, मुंह व नाक पर मास्क जरूरी है। क्योंकि रुद्रप्रयाग जनपद की भी कोरोना को लेकर बेहतर स्थिति नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 13 जुलाई की शाम को जारी रिपोर्ट के मुताबिक रुद्रप्रयाग जिले में अब तक 8668 कुल कोरोना के संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 8376 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में इस जिले में 45 एक्टिव केस हैं। अब तक इस जिले में 105 लोग कोरोना से जान गंवा चुके हैं। इसलिए लोकसाक्ष्य की ओर से अपील है कि ऐसे कार्यक्रम करो, लेकिन कोरोना के नियमों का पालन जरूर करें। नहीं तो अब तक की मेहनत में पानी फिर जाएगा।




