Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

January 10, 2026

अरविंद केजरीवाल को सिद्धू ने दिया उन्हीं की तर्ज में जवाब, दिल्ली में सीएम आवास पर दिया धरना

धरने और प्रदर्शन से जिस आम आदमी पार्टी की नींव पड़ी अब उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हीं की तर्ज पर करारा जवाब दिया।

धरने और प्रदर्शन से जिस आम आदमी पार्टी की नींव पड़ी अब उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हीं की तर्ज पर करारा जवाब दिया। उन्होंने दिल्ली में सीएम आवास पर धरना दिया। जो कहानी पंजाब से शुरू हुई उसे आगे बढ़ाते हुए सिद्धू ने ये कदम उठाया। फिर केजरीवाल को अहसास कराया कि पंजाब छोड़ो, पहले अपनी दिल्ली की समस्या को दूर करो। बता दें, कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल मोहाली में अध्यापकों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। ऐसे में जैसे को तैसा वाला जवाब पंजाब कांग्रेस की ओर से दिया गया।
पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार तेज होने के साथ आम आदमी पार्टी के नेताओं ने वहां डेरा जमा रखा है और सत्तारुढ़ पार्टी कांग्रेस पर लगातार निशाना साध रहे हैं। अरविंद केजरीवाल खुद बार बार पंजाब जा रहे हैं और कांग्रेस पर हमले कर रहे हैं। वहीं अब पंजाब कांग्रेस ने अब तय किया है कि वह दिल्ली के सीएम के गृहक्षेत्र में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के निवास के बाहर अतिथि शिक्षकों के साथ धरना दिया। अतिथि शिक्षकों की मांग है कि उन्हें पर्मानेंट किया जाए।

इसके साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू ने दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल पर निशाना साधने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। इसी एजुकेशन मॉडल को पंजाब में आम आदमी पार्टी अपनी प्रमुख उपलब्धि के तौर पर दिखा रही है। सिद्धू ने कई ट्वीट करते हुए लिखा है कि-साल 2015 में दिल्ली में शिक्षकों की वैकेंसी थीं, लेकिन 2021 में 19907 वैकेंसी हैं। वहीं, AAP सरकार गेस्ट लेक्चरर्स के जरिये खाली पदों को भर रही है। 2015 के घोषणापत्र में आपने दिल्ली में 8 लाख नई नौकरियों और 20 नए कॉलेजों का वादा किया था, नौकरियां और कॉलेज कहां हैं? आपने दिल्ली में सिर्फ 440 नौकरियां दी हैं। पिछले पांच साल में दिल्ली की बेरोजगारी दर लगभग 5 गुना बढ़ गई है।

साथ ही उन्होंने लिखा है, AAP ने संविदा शिक्षकों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन के साथ बहाल करने का वादा किया था, लेकिन अतिथि शिक्षकों के जरिये स्थिति को और खराब कर दिया गया। स्कूल प्रबंधन समितियों के माध्यम से, तथाकथित AAP वॉलियंटर्स सरकारी फंड से सालाना 5 लाख कमाते हैं। दिल्ली एजुकेशन मॉडल कॉन्ट्रेक्ट मॉडल है। दिल्ली सरकार के अंतर्गत 1031 स्कूल हैं, जबकि केवल 196 स्कूलों में प्रधानाध्यापक हैं। 45 फीसद शिक्षक पद खाली हैं और 22000 अतिथि शिक्षकों की ओर से दैनिक वेतन पर स्कूल चलाए जा रहे हैं, हर 15 दिनों में उनका कॉन्ट्रेक्ट रिन्यू होता है।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *